
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस शुक्रवार को देर रात सोने में नीचे दामों पर छोटे निवेशकों की शाट-टर्म के लिए लेवाली आने से कामेक्स पर सोना वायदा जो 4000 डालर से नीचे चला गया था। वापस सुधरकर 4015 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा भी सुधरकर 55.87 डालर प्रति औंस पर बंद हुई। हालांकि इसका भारतीय बाजारों पर कोई खास असर नहीं देखा गया।
चांदी में लेवाली का अभाव रहने से कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। इंदौर में चांदी चरौसा 500 रुपये और टूटकर 219000 रुपये प्रति किलो रह गई। वहीं सोना केडबरी मामूली सुधरकर 140900 रुपये प्रति दस ग्राम बोला गया। ज्वेलर्स का कहना है कि अमेरिकी और ईरान के बीच जंग नए सिरे से पनपने के बाद बड़े निवेशक अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट से कुछ दूरी बनाए हुए है।
अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का भी अनुमान लगाया है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य सोर्स से बेहतर रिटर्न कमा सकते है। इस कारण ब्याज दरों का बढ़ान सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है। अगर दरों में बढ़ोतरी होती है तो सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट की स्थित बन सकती है।
सोना केडबरी रवा नकद में 140900, सोना आरटीजीएस में 141350 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 129550 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है। शुक्रवार को सोना 140800 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 219000, आरटीजीएस 214200, चांदी टंच 219500 प्रति किलो और चांदी सिक्का 2500 रुपये (प्रति नग) के भाव बोले गए। शुक्रवार को चांदी 219500 रु. पर बंद हुई थी।