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बिजनेस डेस्क। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की दोनों सदनों में हुई करारी हार के बाद वैश्विक समीकरण तेजी से बदले हैं। ट्रंप की मनमानी नीतियों से जूझ रहे अंतरराष्ट्रीय बाजार को अब राहत की उम्मीद दिखने लगी है। बाजार जानकारों का मानना है कि इस राजनीतिक उलटफेर के बाद अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध में भी नरमी आने की संभावना बढ़ गई है। इसी वैश्विक राहत के बीच अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा में निवेशकों ने आक्रामक लिवाली शुरू कर दी, जिसका सीधा असर सोने और चांदी के भावों पर दिखा।
बुधवार को कॉमेक्स पर सोना वायदा 141 डॉलर की जबरदस्त छलांग लगाकर 4042 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया (ऊपर में 4049 डॉलर और नीचे में 3018 डॉलर प्रति औंस रहा)। वहीं चांदी वायदा 316 सेंट उछलकर 52.05 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई (ऊपर में 52.24 डॉलर और नीचे में 48.95 डॉलर प्रति औंस रही)।
विदेशी बाजारों में आए इस जबर्दस्त सुधार की गूंज भारतीय बाजारों में भी साफ सुनाई दी। हर वर्ष धनतेरस के ठीक पहले बनने वाले संयोग की तरह इस बार भी बाजार में अचानक रौनक लौट आई है। जो निवेशक और कारोबारी निचले स्तरों पर दामों के थमने का इंतजार कर रहे थे, उन्होंने भी बाजार में उतरकर खरीदारी की है। हालांकि आम ग्राहकी अभी थोड़ी सीमित है, लेकिन छोटे निवेशकों की मांग अच्छी बनी हुई है।
ऑल इंडिया बुलियन (AIB) के अनुसार आज 5 नवंबर को सुबह इंदौर में
(नोट: आभूषण खरीदते समय बिल में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और 3% GST अलग से जुड़ेगा।)
सराफा बाजार में पारदर्शिता लाने के लिए इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन और दलाल एसोसिएशन की स्थानीय बुलियन दलालों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब बाजार में सोने का केवल एक ही भाव मान्य होगा, दोहरे भाव की प्रथा पूरी तरह बंद होगी। साथ ही यह कड़ा नियम भी तय किया गया कि 99.50 से कम टंच बैठने पर संबंधित बुलियन व्यापारी पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रविधान लागू रहेगा।