
बिजनेस डेस्क। अगर आपके घर में भी इंडेन (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) या एचपी (HP) का एलपीजी कनेक्शन है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने गैस बुकिंग, डिलीवरी और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को लेकर कुछ नए और बेहद कड़े नियम लागू कर दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के इन नए विधिक व प्रशासनिक बदलावों का सीधा असर देश के करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है।
बढ़ती कालाबाजारी और गैस की किल्लत की अफवाहों के बीच तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से पैनिक बुकिंग न करने और घरों में जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा न करने की अपील की है। आइए जानते हैं रसोई गैस से जुड़े इन नए नियमों का पूरा गणित।
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए दो बुकिंग्स के बीच की विधिक समय-सीमा (Lock-in Period) को बढ़ा दिया है:
विशेष नोट: यह नियम 14.2 किलोग्राम के पारंपरिक सिलेंडर और 5 किलोग्राम के छोटे घरेलू सिलेंडर, दोनों पर समान रूप से विधिक रूप से लागू होगा।
अब डिलीवरी बॉय के घर आते ही आपको सीधे सिलेंडर नहीं सौंप दिया जाएगा। सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
जब डिलीवरी बॉय आपके घर पहुंचेगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा। यह ओटीपी मशीन में दर्ज करने के बाद ही डिलीवरी की विधिक प्रक्रिया पूरी होगी। यदि आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में अपडेट नहीं है, तो उसे तुरंत सही करा लें, अन्यथा डिलीवरी अटक सकती है।
| गैस कनेक्शन की श्रेणी (Category) | e-KYC के लिए विधिक नियम (New Guidelines) |
| प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) | इन लाभार्थियों के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरी तरह अनिवार्य है। |
| सामान्य ग्राहक (Non-PMUY) | केवल उन सामान्य ग्राहकों को ही ई-केवाईसी करानी है, जिन्होंने अब तक इसे एक बार भी पूरा नहीं किया है। अगर आपकी e-KYC पहले हो चुकी है, तो दोबारा कराने की कोई विधिक आवश्यकता नहीं है। |
सरकार देश में 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' के विधिक सिद्धांत पर तेजी से काम कर रही है। जिन शहरी घरों में पहले से PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की पाइपलाइन सुविधा मौजूद है, उन्हें अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि जिन घरों में पीएनजी चालू है, उनके एलपीजी कनेक्शन 30 जून 2026 के बाद सरकार द्वारा स्वतः (स्वचालित रूप से) बंद कर दिए जाएंगे। हालांकि, तेल कंपनियों और विधिक अधिकारियों ने साफ किया है कि सरकार ने अभी तक ऐसी किसी आधिकारिक विधिक डेडलाइन (Official Deadline) की घोषणा नहीं की है। मार्च 2026 में सरकार ने केवल स्वैच्छिक रूप से एलपीजी छोड़ने और पीएनजी, इंडक्शन कुकटॉप या इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर शिफ्ट होने की विधिक एडवाइजरी जारी की थी।
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कंपनियों ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य, निर्बाध और पर्याप्त है। कर्नाटक सहित कुछ चुनिंदा राज्यों से ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें मिली थीं, जिस पर विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन बुकिंग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। नए नियमों का सबसे सीधा असर शहरी कामकाजी परिवारों पर पड़ेगा, जिन्हें अब अपनी रसोई का बजट और गैस रीफिलिंग की प्लानिंग कम से कम 25 दिन के विधिक अंतराल को ध्यान में रखकर ही करनी होगी।