
बिजनेस डेस्क। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के गठन के कई महीनों बाद भी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में वेतन संशोधन की समय सीमा को लेकर संशय बना हुआ है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि उनके नए वेतन ढांचे की तस्वीर कब साफ होगी और संशोधित वेतन उनके खातों में कब से आना शुरू होगा। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी फिटमेंट फैक्टर या नए सैलरी स्ट्रक्चर पर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन वित्त मंत्रालय ने आयोग की सिफारिशें सौंपे जाने की संभावित समय सीमा स्पष्ट कर दी है।
आठवें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी कि आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन की तिथि से 18 महीने की अवधि दी गई है। इस समयावधि के आधार पर यह माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को प्रस्तुत कर सकता है।
मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि आयोग द्वारा सिफारिशें सौंपते ही वेतन वृद्धि स्वतः लागू नहीं हो जाएगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद केंद्र सरकार सभी सिफारिशों की गहन समीक्षा करेगी। समीक्षा के पश्चात ही सरकार यह निर्णय लेगी कि सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया जाए या उनमें कुछ संशोधन किए जाएं। कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते दिए जाएंगे।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, 8वें वेतन आयोग को अपनी कार्यप्रणाली तय करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है। आयोग के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वह अपनी बैठकों, परामर्शों या विचाराधीन प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट सरकार से साझा करे। फिलहाल आयोग दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में संबंधित हितधारकों और कर्मचारी संघों के साथ विचार-विमर्श के दौर आयोजित कर रहा है।
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कर्मचारी संगठनों की ओर से न्यूनतम मूल वेतन, पेंशन, महंगाई भत्ता (DA), और मकान किराया भत्ता (HRA) जैसे कई मुद्दों पर अपने सुझाव दिए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 किए जाने की है। उल्लेखनीय है कि फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर किसी भी कर्मचारी के मौजूदा मूल वेतन को नए वेतनमान में बदला जाता है।