अब गधे भी बनाएंगे आपको लखपति! सरकार दे रही है ₹50 लाख तक की सब्सिडी, पढ़ें कैसे करें आवेदन
देश में गधों की घटती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने इनके संरक्षण और पालन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य न केवल लुप्त होती प्रजातियों को बचाना है।
Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 03:22:19 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 03:22:19 PM (IST)
अब गधे भी बनाएंगे आपको लखपति! (Image Source: AI-Generated)HighLights
- स्वदेशी गधों के संरक्षण के लिए बड़ी पहल
- 1 करोड़ के प्रोजेक्ट पर मिलेंगे 50 लाख
- एनएलएम पोर्टल पर शुरू हुए आवेदन
बिजनेस न्यूज। देश में गधों की घटती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने इनके संरक्षण और पालन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत अब सरकार गधा पालन (Donkey Farming) के साथ-साथ घोड़ा और ऊंट पालन के लिए भी 50% तक की भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य न केवल लुप्त होती प्रजातियों को बचाना है, बल्कि पशुपालकों के लिए आय के नए स्रोत बनाना भी है।
₹50 लाख तक की आर्थिक मदद
सरकार की इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति या संस्था गधा, घोड़ा या ऊंट पालन का प्रोजेक्ट शुरू करती है, तो उसे कुल लागत का आधा हिस्सा यानी 50 फीसदी सब्सिडी के रूप में मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि प्रोजेक्ट की लागत ₹1 करोड़ है, तो केंद्र सरकार की ओर से ₹50 लाख की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।
गधा पालन के लिए निर्धारित शर्तें
- यूनिट साइज: लाभार्थी को कम से कम 50 मादा और 5 नर स्वदेशी गधे पालने होंगे।
- सब्सिडी: इस यूनिट के लिए अधिकतम ₹50 लाख की मदद मिलेगी।
- किस्तें: यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी, पहली बैंक लोन की प्रक्रिया पूरी होने पर और दूसरी प्रोजेक्ट पूरा होने पर।
घोड़े और ऊंट पालन के नियम
- घोड़ा पालन: कम से कम 10 मादा और 2 नर घोड़े पालने अनिवार्य हैं।
- ऊंट पालन: इसके लिए यूनिट साइज प्रोजेक्ट के हिसाब से निर्धारित किया जाएगा।
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ऐसे उठाएं लाभ
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल nlm.udyamimitra.in पर जाएं।
- अपने प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी (DPR) अपलोड करें।
- प्रोजेक्ट के लिए बैंक से लोन की प्रक्रिया पूरी करें।
- आवेदन और दस्तावेजों के सफल वेरिफिकेशन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
यदि कोई राज्य सरकार अपने स्तर पर इन जानवरों के संरक्षण के लिए काम कर रही है, तो उसे भी केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।