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छोटे कारीगरों की बल्ले-बल्ले! अपना बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार दे रही 3 लाख का लोन, आज ही करें आवेदन

यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य 18 अलग-अलग पारंपरिक व्यवसायों (जैसे सुनार, लोहार, कुम्हार, नाई, सुतार आदि) से जुड़े शिल्पकार...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 23 Feb 2026 06:01:13 PM (IST)Updated Date: Mon, 23 Feb 2026 06:01:13 PM (IST)
छोटे कारीगरों की बल्ले-बल्ले! अपना बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार दे रही 3 लाख का लोन, आज ही करें आवेदन
सरकार दे रही 3 लाख का लोन।

HighLights

  1. हुनरमंदों के लिए वरदान बनी यह योजना
  2. सिर्फ 5% ब्याज पर पाएं बिजनेस लोन
  3. फ्री ट्रेनिंग और ₹15,000 की टूलकिट

बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। यदि आप भी अपने पुश्तैनी हुनर को एक बड़े व्यवसाय में बदलना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी आड़े आ रही है, तो यह योजना आपके सपनों को नई उड़ान दे सकती है।

क्या है पीएम विश्वकर्मा योजना?

यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य 18 अलग-अलग पारंपरिक व्यवसायों (जैसे सुनार, लोहार, कुम्हार, नाई, सुतार आदि) से जुड़े शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और सस्ता ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है।

प्रशिक्षण के साथ 'कमाई' और 'सर्टिफिकेट'

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकार केवल सिखाती ही नहीं, बल्कि सीखने के दौरान आर्थिक मदद भी करती है:

  • ट्रेनिंग के दौरान लाभार्थी को 500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता दिया जाता है।
  • ट्रेनिंग पूरी होने पर आधुनिक औजार खरीदने के लिए 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।
  • लाभार्थियों को 'विश्वकर्मा सर्टिफिकेट' और 'आईडी कार्ड' दिया जाता है, जो उनके हुनर को आधिकारिक मान्यता प्रदान करता है।

बिना किसी गारंटी के 3 लाख तक का सस्ता लोन

अपना खुद का स्टार्टअप या बिजनेस बढ़ाने के लिए सरकार दो चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान करती है:

  • पहला चरण: व्यापार शुरू करने के लिए 1 लाख रुपये का लोन।
  • दूसरा चरण: काम के विस्तार के लिए 2 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन।
  • ब्याज दर: यह पूरा लोन मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है।

आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के लिए कारीगर दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:

  • आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाकर स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं।
  • अपने नजदीकी सीएससी (Common Service Center) पर जाकर भी आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है।

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पात्रता और शामिल व्यवसाय

इस योजना में लकड़ी का काम करने वाले सुतार, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई बनाने वाले, गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले कारीगर शामिल हो सकते हैं।