• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • बिज़नेस

शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी सौगात... सैलरी के साथ-साथ HRA बढ़ाने की सिफारिश, जानें कितना होगा फायदा

8वें वेतन आयोग को लेकर शिक्षक संगठनों ने वेतन विसंगतियों को दूर करने और अपनी सैलरी स्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव करने की पुरज़ोर वकालत शुरू कर दी है...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 03:44:33 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 03:44:33 PM (IST)
शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी सौगात... सैलरी के साथ-साथ HRA बढ़ाने की सिफारिश, जानें कितना होगा फायदा
शिक्षकों के वेतन ढांचे में हुई बड़े बदलाव की तैयारी।

HighLights

  1. शिक्षकों के वेतन ढांचे में हुई बड़े बदलाव की तैयारी
  2. सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग
  3. करियर प्रोग्रेशन स्कीम (10-20-30) करने की मांग

बिजनेस डेस्क। 8वें वेतन आयोग को लेकर देश के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच उत्सुकता चरम पर है। आयोग द्वारा विभिन्न मंत्रालयों, सरकारी विभागों और कर्मचारी यूनियनों से आंकड़े व सुझाव जुटाने का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच शिक्षक संगठनों ने वेतन विसंगतियों को दूर करने और अपनी सैलरी स्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव करने की पुरज़ोर वकालत शुरू कर दी है। इस समय सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रस्ताव की हो रही है, जिसमें एंट्री-लेवल 6 के शिक्षकों का शुरुआती मूल वेतन (Basic Pay) सीधे ₹1,34,500 निर्धारित करने की मांग की गई है।

फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन पर टिकी नजरें

शिक्षकों की इस मांग के केंद्र में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाना है। पिछले यानी 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 तय किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 2.86 से 3 के बीच करने की मांग की जा रही है। जानकारों का अनुमान है कि यदि फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के दायरे में भी रहता है, तो सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़कर ₹41,000 से ₹51,000 के बीच पहुंच सकता है।


हालांकि, कई शिक्षक संघों का तर्क है कि मौजूदा महंगाई और जीवनयापन के खर्च को देखते हुए यह बढ़ोतरी काफी नहीं होगी। इसी वजह से उन्होंने फिटमेंट फैक्टर में बड़े सुधार के साथ न्यूनतम वेतन को कम से कम ₹65,000 करने की मांग पुरज़ोर तरीके से उठाई है।

सैलरी के साथ भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग

शिक्षक सिर्फ मूल वेतन ही नहीं, बल्कि अन्य वित्तीय लाभों में भी संशोधन चाहते हैं:

  • HRA में इजाफा: बड़े शहरों में मकानों के बढ़ते किराए को देखते हुए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) बढ़ाने की मांग की जा रही है।
  • करियर प्रोग्रेशन स्कीम: शिक्षकों ने 10-20-30 वर्ष की सेवा पर मिलने वाली करियर प्रोग्रेशन स्कीम को मजबूती से लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
  • सालाना इंक्रीमेंट: वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) की दर को मौजूदा 3 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी करने की मांग रखी गई है।

यह भी पढ़ें- E-20 पेट्रोल विवाद पर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, पेट्रोल पंपों पर फिर मिल सकता है बिना इथेनॉल वाला सामान्य ईंधन, मंथन शुरू

यदि शिक्षक संगठनों की इन मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाता है, तो आने वाले समय में सरकारी शिक्षकों के वेतन में एक ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है। इससे न केवल शिक्षकों का आर्थिक स्तर सुधरेगा, बल्कि देश के शैक्षणिक क्षेत्र में एक नया उत्साह भी आएगा।