
बिजनेस डेस्क। दशकों से भारत में होम लोन लेने का मतलब कागजी कार्रवाई, बैंक की शाखाओं के चक्कर, लेंडर्स से कई बार बातचीत और काफी इंतजार रहा है। लेकिन अब यह तरीका बदल रहा है। टेक्नोलॉजी, होम लोन लेने की पूरी प्रक्रिया को बदल रही है। लेंडर की जानकारी हासिल करने से लेकर डॉक्यूमेंट जमा करने, लोन के लिए पात्रता जांचने और आवेदन की स्थिति देखने तक कई काम अब डिजिटल तरीके से किए जा रहे हैं।
होमबायर की प्रोफाइल भी बदल रही है। इस साल की शुरुआत में जारी की गई हमारी कंज्यूमर इनसाइट्स स्टडी में 7,400 से ज्यादा होमबायर्स के जवाब शामिल थे। इस स्टडी से इस बदलाव की साफ तस्वीर सामने आई।
स्टडी में पाया गया कि Millennials और Gen Z मिलकर करीब 90 से 95% घरों की खरीदारी करते हैं। वहीं, 40 साल से कम उम्र के 72% लेनदार होम लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पसंद करते हैं। 35 साल से कम उम्र के करीब 80% लेनदार DigiLocker का इस्तेमाल करते हैं।
इसका सीधा मतलब है कि आज का होमबायर टेक्नोलॉजी को अच्छी तरह समझता है और होम लोन की प्रक्रिया में भी वही तेजी, आसानी और ट्रांसपेरेंसी चाहता है।
अतुल मोंगा, BASIC होम लोन के CEO और CO-फाउंडर के अनुसार अगला कदम सिर्फ कागजी काम को ऑनलाइन करना नहीं है। AI और डेटा की मदद से लेंडर्स लोन के लिए पात्रता जांचने, डॉक्यूमेंट की पुष्टि करने, जोखिम पहचानने और ग्राहक के लिए सही लोन ऑप्शन चुनने में मदद कर सकते हैं। इससे उन लोगों के लिए भी प्रक्रिया आसान हो सकती है, जिनकी फाइनेंशियल कंडीशन पारंपरिक लोन सिस्टम में पूरी तरह फिट नहीं बैठती।
लेकिन हाउसिंग फाइनेंस में टेक्नोलॉजी के साथ भरोसा भी बहुत जरूरी है। AI सटीक और अपने फैसले को समझाने में सक्षम हो सकता है, लेकिन ग्राहक को यह पता होना चाहिए कि उसे कोई खास विकल्प क्यों सुझाया जा रहा है। साथ ही, ऑटोमेटेड फैसलों के पीछे इंसानी निगरानी भी मजबूत होनी चाहिए।
इसलिए भविष्य पूरी तरह डिजिटल नहीं होगा। जहां टेक्नोलॉजी प्रक्रिया को आसान बना सकती है, वहां उसका इस्तेमाल बढ़ेगा, लेकिन जहां भरोसे और जटिल फैसलों की जरूरत होगी, वहां इंसानी समझ की भूमिका बनी रहेगी।
अतुल मोंगा, BASIC होम लोन के CEO और CO-फाउंडर के अनुसार टेक्नोलॉजी में छोटे शहरों और विकासशील बाजारों तक औपचारिक हाउसिंग फाइनेंस पहुंचाने की बड़ी क्षमता है। आने वाले समय में डिजिटल माध्यम से ग्राहक जानकारी हासिल कर सकेंगे, अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकेंगे और हर बार बैंक की शाखा में जाए बिना होम लोन की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
हालांकि, होम लोन में असली बदलाव सिर्फ प्रक्रिया को तेज करने का नहीं है। इसका मकसद पूरी प्रक्रिया को आसान, स्पष्ट और ज्यादा लोगों की पहुंच में लाना है। टेक्नोलॉजी सिर्फ लोन देने की प्रक्रिया को बेहतर नहीं बनाएगी, बल्कि ज्यादा भारतीयों के लिए अपना घर खरीदना भी आसान बना सकती है।