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एमपी के श्रेयस की सफलता की कहानी... दो लाख रुपये से खड़ा किया बिजनेस, आज देशभर में 20 हजार से ज्यादा ग्राहक

हर बड़ा स्टार्टअप करोड़ों के निवेश से नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प और सही सोच से शुरू होता है। भोपाल के युवा उद्यमी श्रेयस पांडे इसकी मिसाल हैं।

By anjalisingh tomarEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 03:57:15 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 03:57:15 PM (IST)
एमपी के श्रेयस की सफलता की कहानी... दो लाख रुपये से खड़ा किया बिजनेस, आज देशभर में 20 हजार से ज्यादा ग्राहक
श्रेयस पाण्डे अपने प्रोडक्ट के साथ।

HighLights

  1. पिता के निधन के बाद छोड़ी बैंक की नौकरी
  2. भोपाल लौटकर शुरू किया बैंबू का स्टार्टअप
  3. मध्य प्रदेश पर्यटन को भी दे रहे हैं बैंबू उत्पाद

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। हर बड़ा स्टार्टअप करोड़ों के निवेश से नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प और सही सोच से शुरू होता है। भोपाल के युवा उद्यमी श्रेयस पांडे इसकी मिसाल हैं। वर्ष 2020 में पिता के निधन के बाद उन्होंने बैंक की नौकरी छोडने का फैसला किया। करीब एक साल तक बाजार की जरूरत और ग्राहकों की पसंद पर रिसर्च करने के बाद वर्ष 2022 में उन्होंने अपने पीएफ से मिले महज दो लाख रुपये की पूंजी से बैंबू (बांस) से बने सस्टेनेबल उत्पादों का स्टार्टअप शुरू किया।

आज उनके उत्पादों पर देशभर में 20 हजार से अधिक ग्राहक भरोसा जता चुके हैं, स्टार्टअप से करीब 20 लोगों को रोजगार मिल रहा है और मध्य प्रदेश पर्यटन समेत कई सरकारी विभाग भी उनके उत्पाद खरीद रहे हैं।

प्रश्न: शुरुआत के बाद ऐसा कौन-सा मोड़ आया, जिसने स्टार्टअप को नई पहचान दिलाई?

श्रेयस पांडे: शुरुआत में हमारा पूरा फोकस ई-कामर्स प्लेटफार्म के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने पर था। धीरे-धीरे लोगों ने हमारे उत्पादों की गुणवत्ता और सस्टेनेबिलिटी को पसंद किया, जिससे ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ता गया। आज देशभर में हमारे 20 हजार से अधिक ग्राहक हैं। वर्ष 2025 में स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से आर्थिक सहायता मिलने के बाद कारोबार का तेजी से विस्तार हुआ। अब मध्य प्रदेश पर्यटन सहित कई सरकारी विभाग भी हमारे सस्टेनेबल उत्पाद खरीद रहे हैं।


प्रश्न: सबसे ज्यादा मांग किन उत्पादों की है और इस कारोबार में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?

श्रेयस पांडे: हमारे यहां बैंबू से बने करीब 80 तरह के उत्पाद हैं, जिनमें डायरी, तौलिया, पानी की बोतल और फ्रिज मैग्नेट सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। सबसे बड़ी चुनौती लोगों को यह समझाना था कि बैंबू के उत्पाद स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बेहतर हैं। साथ ही ब्रांड बनाना और ग्राहकों तक पहुंच बनाना भी आसान नहीं था।

प्रश्न: स्टार्टअप से रोजगार कैसे बढ़ा?

श्रेयस पांडे: आज हमारे स्टार्टअप से करीब 20 लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। हम सभी उत्पादों की पैकिंग दोबारा उपयोग किए जाने के इरादे से कपड़े के थैलों में करते हैं। ये थैले स्लम क्षेत्रों और घर से काम करने की इच्छुक महिलाएं तैयार करती हैं, जिससे उन्हें भी आय का साधन मिल रहा है।

प्रश्न: कारोबार में बड़ा बदलाव कब आया?

श्रेयस पांडे: वर्ष 2025 में हमें स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद कारोबार का विस्तार आसान हो गया। आज मध्य प्रदेश पर्यटन सहित कई सरकारी विभाग भी हमारे सस्टेनेबल उत्पाद खरीद रहे हैं।

प्रश्न: क्या बैंबू के उत्पाद महंगे होते हैं?

श्रेयस पांडे: लोगों को अक्सर लगता है कि बैंबू के उत्पाद महंगे होते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। हमारे बैंबू तौलिए की कीमत बाजार में मिलने वाले कई ब्रांडेड तौलियों से भी कम है। हमारा उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद उचित कीमत पर उपलब्ध कराना है।

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श्रेयस का युवाओं से कहना है कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार और ग्राहकों की जरूरत को अच्छी तरह समझें। जिस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, उसकी मांग पर रिसर्च करें। शुरुआत छोटी पूंजी से भी की जा सकती है, लेकिन सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर लगातार सुधार करना जरूरी है। जो युवा सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और चुनौतियों से घबराते नहीं, वही अपने सपनों को सफल स्टार्टअप में बदल पाते हैं।