• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • बिज़नेस

US-Israel-Iran War: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! कच्चे तेल की दामों में लगी आग, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 10% का उछाल

ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते मिलिट्री टकराव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में शुरुआती कारोबार में लगभग 10 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, ...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 02 Mar 2026 03:30:02 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Mar 2026 03:30:02 PM (IST)
US-Israel-Iran War: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! कच्चे तेल की दामों में लगी आग, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 10% का उछाल
US-Israel-Iran War: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल!

HighLights

  1. मिडिल ईस्ट संकट से दहला कच्चा तेल
  2. ब्रेंट क्रूड में 10% का जोरदार उछाल
  3. 150 डॉलर तक जा सकते हैं इसके दाम

बिजनेस डेस्क। ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की हत्या के बाद उपजे युद्ध के हालातों ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते मिलिट्री टकराव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में शुरुआती कारोबार में लगभग 10 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जिससे दाम 78.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। हालांकि, बाजार के थोड़ा संभलने के बाद यह 5 फीसदी की तेजी के साथ 76.6 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

150 डॉलर तक जा सकते हैं दाम

बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि तनाव जारी रहा तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100-115 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। समुद्री रास्तों, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावट आने पर कीमतें 120-140 डॉलर तक पहुंच सकती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई लाइन लंबे समय तक बंद रहती है, तो तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर का स्तर भी छू सकते हैं।


अप्रैल से बढ़ेगा उत्पादन

मिडिल ईस्ट में अस्थिरता के बीच, OPEC+ ने रविवार को एक वर्चुअल मीटिंग में अप्रैल माह से तेल उत्पादन में तेजी लाने पर सहमति जताई है।

  • अप्रैल से प्रतिदिन 206,000 बैरल की बढ़ोतरी की जाएगी।
  • यह वृद्धि दिसंबर में लागू की गई 137,000 bpd की बढ़ोतरी से लगभग 1.5 गुना अधिक है।
  • हालांकि सऊदी अरब और UAE के पास 4-5 मिलियन बैरल की अतिरिक्त क्षमता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज ट्रांजिट मार्ग पर निर्भर है, जो वर्तमान में असुरक्षित बना हुआ है।

तेल टैंकरों पर हमले और बाधित नेविगेशन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध की आग अब तेल के जहाजों तक पहुंच गई है। खाड़ी तट के पास कम से कम तीन टैंकरों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। इधर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नेविगेशन बंद करने की घोषणा कर दी है, जिससे एशियाई देशों और रिफाइनरियों के लिए नई सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है।

यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए बड़ी मांग, बेसिक सैलरी में 50% महंगाई भत्ता मर्ज करने के लिए लिखा पत्र

भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार

तेल आयात पर निर्भर भारतीय इकॉनमी के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। आंकड़ों के अनुसार:

  • कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) जीडीपी का लगभग 0.4-0.5 प्रतिशत बढ़ जाता है।
  • तेल की कीमतों में उछाल से रिटेल इंफ्लेशन (CPI) में 30-40 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी होने की आशंका है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।