
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। वर्तमान में एक तोला सोना खरीदना भी काफी महंगा पड़ता है, क्योंकि इसकी कीमत डेढ़ लाख के पार हैं। ऐसे में जब लोग सोने के जेवरात खरीदने जाते हैं तो मन में सबसे बड़ा सवाल उसकी शुद्धता और सही कीमत को लेकर होता है।
केवल गहनों की चमक देखकर उनकी असली गुणवत्ता या कैरेट पहचानना नामुमकिन है। ज्वेलरी में होने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी से आम ग्राहकों को बचाने के लिए भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएसस) द्वारा हालमार्किंग की व्यवस्था लागू की गई है।
अब आपको सोने की शुद्धता को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपके मोबाइल में मौजूद एक साधारण ऐप के जरिए आप मिनटों में असली और नकली हालमार्क की पहचान कर सकते हैं।
बीआईएस नियमों के अनुसार, हालमार्क वाले सोने-चांदी के प्रत्येक आभूषण पर बीआईएस का लोगो (निशान), कैरेट,फाइननेस ग्रेड और छह अंकों का विशेष अल्फान्यूमेरिक एचयूआइडी यानि हालमार्क यूनिक आइडेंटीफिकेशननंबर अंकित होता है। शुद्धता की जांच के लिए सरकार ने बीआईएस केयर एप उपलब्ध कराया है। गहना खरीदने से पहले उस पर लिखा एचयूआइडी नंबर देख लें। इसके बाद ऐप खोलकर वेरीफाइ एचयूआईडी विकल्प पर क्लिक करें और गहने का छह अंकों वाला कोड दर्ज करें।
- ज्वेलर का पंजीकृत नाम
- हालमार्किंग सेंटर का विवरण
- गहने का प्रकार जैसे अंगूठी, हार, चूड़ी आदि
- हालमार्किंग किए जाने की सटीक तारीख
बीआइएस द्वारा सोने और चांदी के आभूषणों की शुद्धता के लिए विशेष मानक तय किए गए हैं। इसमें सोने के लिए मानक ग्रेड: 14 केरेट, 18 केरेट, 20 केरेट, 22 केरेट, 23 केरेट और 24 केरेट है। चांदी के मानक ग्रेड: चांदी के गहनों व बर्तनों पर एचयूआइडी की मदद से जांच संभव है। इसके लिए 800, 835, 925, 958, 970, 990 और 999 फाइननेस ग्रेड निर्धारित हैं।
सराफा बाजार में किसी भी प्रकार की ठगी से बचने के लिए केवल गहनों की डिजाइन और वजन पर ही ध्यान न दें। आभूषण पर हॉलमार्क और एचयूआइडी नंबर अवश्य चेक करें और मौके पर ही बीआइएस केयर ऐप से उसकी पुष्टि कर लें। बिल लेते समय भी बिल पर एचयूआइडी नंबर दर्ज कराना न भूलें। इससे आप अपनी गाढ़ी कमाई का सही मूल्य पा सकेंगे और मिलावटी सोने से सुरक्षित रहेंगे।