• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • बिज़नेस

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान, चालू वित्त वर्ष में 7.8 फीसद रहेगी देश की विकास दर

फिच के अनुसार उसने भारत का विकास दर अनुमान 7.4 फीसद से बढ़ाकर 7.8 फीसद कर दिया है।

By Edited By:
Publish Date: Fri, 21 Sep 2018 09:44:28 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Sep 2018 09:55:12 PM (IST)
रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान, चालू वित्त वर्ष में 7.8 फीसद रहेगी देश की विकास दर

नई दिल्ली। रेटिंग एजेंसी फिच ने चालू वित्त वर्ष 2018-19 के लिए भारत का विकास दर अनुमान बढ़ाकर 7.8 फीसद कर दिया है। पहले उसने 7.4 फीसद विकास दर रहने का अनुमान लगाया था। फिच ने महंगे कच्चे तेल और उच्च ब्याज दर को लेकर चिंता भी जताई है।

ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक में फिच ने कहा कि, भारत में महंगाई की दर रिजर्व बैंक की निर्धारित उच्च सीमा तक पहुंच सकती है, क्योंकि देश में मांग बढ़ रही है और रुपये में गिरावट आ रही है। रिजर्व बैंक ने चार फीसद महंगाई (दो फीसद कम या ज्यादा) का लक्ष्य रखा है। फिच के अनुसार उसने भारत का विकास दर अनुमान 7.4 फीसद से बढ़ाकर 7.8 फीसद कर दिया है। हालांकि उसने अगले वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए विकास दर अनुमान 0.2 फीसद घटाकर 7.3 फीसद कर दिया है।


रेटिंग एजेंसी के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने कई चुनौतियां हैं। इनमें तंग वित्तीय स्थिति, महंगा कच्चा तेल और बैंकों की कमजोर बैलेंस शीट शामिल हैं। इस साल अभी तक एशिया की प्रमुख मुद्राओं में भारतीय रुपये का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। रिजर्व बैंक ने रुपये में गिरावट थामने को ज्यादा सख्ती नहीं दिखाई, लेकिन उसने ब्याज दर अनुमान से ज्यादा बढ़ाई।

फिच द्वारा विकास दर अनुमान बढ़ाए जाने से पहले अप्रैल-जून तिमाही में रफ्तार बढ़कर 8.2 फीसद पर पहुंच गई थी। इस तिमाही के लिए उसने 7.7 फीसद विकास दर का अनुमान लगाया था। फिच की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अप्रैल-जून 2017 तिमाही में जीएसटी लागू होने से पहले कंपनियां स्टॉक घटा रही थीं, इसलिए विकास दर घटी थी।

इससे पिछले साल जीडीपी का आधार संकुचित होने के कारण इस साल तेज विकास दर दर्ज की गई। फिच ने चालू वित्त वर्ष के लिए चीन का विकास दर अनुमान 0.2 फीसद घटाकर 6.1 फीसद कर दिया है जबकि ग्लोबल विकास दर 3.1 फीसद रहने का अनुमान जताया है।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।