
बिलासपुर(निप्र)। मरवाही क्षेत्र के ग्राम लोहारी में पिछले एक सप्ताह के भीतर 10 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इसमें युवाओं के साथ-साथ तीन नवजात शिशु भी हैं। सभी को उल्टी के साथ पेट फूलने की शिकायत बताई जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का अमला वहां पर कोई भी बीमारी फैलने से साफ इनकार कर रहा है।
ग्राम लोहारी में पिछले एक सप्ताह में हुई मौत से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। वहां के लोगों का कहना है कि मौतें किसी खतरनाक बीमारी के कारण हुई हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर दुर्गेश पिता बदन दास 20 वर्ष, डोलन 24 वर्ष, शंभू दुबे पिता परस 36, पुष्वा 40 वर्ष व तीन नवजात शिशु की मौत हुई है। इनका स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा था। वहीं एक मानसिक रूप से विकलांग युवक को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे भेज दिया गया, बाद में उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी लगने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को ग्राम लोहारी गई थी। जहां पर ग्रामीणों को दवा बांट कर टीम लौट आई है।
कलेक्टर से की शिकायत
लोहारी में हुई मौत की शिकायत सरपंच मंजूलता परसते ने कलेक्टर से की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हुआ है। हालांकि इसके बाद भी वहां पर उचित उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
एक्सपायरी डेट की दवा बंटी
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को एक्सपायरी डेट की दवा बांट दी है। इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। वहीं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिला मुख्यालय से प्राप्त दवाओं को बांटा जा रहा है।
10 लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नींद में: सरपंच
लोहारी सरपंच मंजूलता परस्ते और उनके पति रोहित परस्ते का कहना है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर 10 लोगों की गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। मौत के पूर्व लोगों को उल्टी के साथ-साथ पेट फूलने की शिकायत थी। इसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर से की। तब जाकर मरवाही से डॉक्टर यहां पहुंचे थे। मैदानी अमले ने एक्सपायरी दवा बांटी है। लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
किडनी फेल व खून की कमी समेत अन्य बीमारियों से हुई मौत : बीएमओ
मरवाही के बीएमओ डॉ. केके ध्रुव का कहना है कि लोहारी में अलग-अलग कारणों लोगों की मौत हुई है। इसमें एक की किडनी फेल, बच्ची की खून की कमी और वृद्घावस्था के कारण मौत हुई। वहां पर डायरिया समेत किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने की शिकायत नहीं है। वहीं ग्रामीणों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। इसमें मौसमी बीमारी से कुछ लोग पीड़ित पाए गए थे।
मरवाही समेत जिले में कहीं भी संदिग्ध बीमारी फैलने की खबर नहीं आई है। उल्टी-दस्त के कुछ केस जरूर सामने आ रहे हैं।
डॉ. एमए जीवानी नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभागा।