नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यहां पुलिस की घर वापसी मुहिम को उस समय बड़ी सफलता मिली जब 62 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया।

कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों से प्रभावित होकर इन 62 नक्सलियों ने सरेंडर करने का फैसला किया। सभी नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का मन बनाकर बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा के समक्ष पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने के बाद नक्सलियों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का अनमोल समय खो दिया है लेकिन अब वे समाज का हिस्सा बनकर रहना चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वे अपने और साथियों से भी समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की अपील करेंगे। नक्सलियों ने अपने साथ लाए 51 नग भरमार बंदूकें भी जमा कराई।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कुतूल एरिया कमेटी के अंतर्गत तुमेरादि जनताना सरकार के हैं और पिछले 8-9 सालों से सक्रिय थे। इनके आत्मसमर्पण के दौरान जिले के आईजी विवेकानंद सिन्हा, एसपी जीतेन्द्र शुक्ला और सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

आईजी ने कहा कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने शासन की पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो सकारात्मक्ता के रास्ते पर कदम बढ़ा रहे हैं उनका स्वागत है।

गौरतलब है कि नारायणपुर का अबूझमाड़ बस्तर में नक्सलियों का सबसे बड़ा गढ़ है। यहां नक्सालियों द्वारा बड़ी संख्या में सामूहिक आत्मसर्मण से नक्सलवाद के खात्मे में बड़ी मदद मिलेगी।

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