• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • अंबिकापुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ambikapur crime News : विवाद के बाद ईसाई समाज के कार्यक्रम को प्रशासन ने कराया बंद

Ambikapur crime News : अंबिकापुर के भगवानपुर मोहल्ले के एक घर में ईसाई समाज के कार्यक्रम को प्रशासन ने रोकवा दिया। बीमारी ठीक करने का दावा कर लोगों को...और पढ़ें

By Asim Sen GuptaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Sun, 24 Mar 2024 10:06:34 PM (IST)Updated Date: Sun, 24 Mar 2024 10:06:34 PM (IST)
Ambikapur crime News : विवाद के बाद ईसाई समाज के कार्यक्रम को प्रशासन ने कराया बंद

नईदुनिया प्रतिनिधि अंबिकापुर । अंबिकापुर के भगवानपुर मोहल्ले के एक घर में ईसाई समाज के कार्यक्रम को प्रशासन ने रोकवा दिया। बीमारी ठीक करने का दावा कर लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित करने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया था। उनका कहना था कि यह विशुद्ध रूप से चंगाई सभा था।प्रति रविवार घण्टो यह कार्यक्रम चलता था। पुलिस व प्रशासन की टीम ने आयोजकों से कार्यक्रम आयोजन की अनुमति की जानकारी ली। किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।इसके पहले की विवाद बढ़ता प्रशासन ने कार्यक्रम को बंद करा दिया।

भगवानपुर मोहल्ले में एक घर को किराए पर लिया गया है।इसमें द फादर हाउस प्रार्थना घर का बोर्ड लगाया गया है। प्रति रविवार को यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इसमें अशक्त और बीमार लोग भी रहा करते थे। मोहल्ले में रहने वालों की मानें तो आयोजन में शामिल होने वाले कुछ लोग असामान्य आवाज निकालते थे। स्थानीय निवासी रोशन तिवारी ने बताया कि यहां चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था, अंधविश्वास फैला कर मरीजों को ठीक करने का काम किया जा रहा था। दीपक राव ने आरोप लगाया कि तीन सालों से इस तरह से चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। इसकी शिकायत भी कई बार की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को स्थानीय लोगों के द्वारा फिर से शिकायत करने के बाद प्रशासनिक टीम और पुलिस टीम मौके पर पहुँची और आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सभा को बंद कर दिया है।


अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाया गया कि चंगाई सभा में बीमारी ठीक करने का दावा कर लोगों को प्रलोभन देकर बुलाया जाता था। आयोजन को लेकर उठे विरोध के स्वर को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया था। सुरक्षा के बीच पुलिस ने कार्यक्रम में शामिल लोगों का बयान लिया। आयोजकों से भी पूछताछ की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने प्रलोभन देकर बुलाने के आरोप से इनकार किया। इधर आचार संहिता प्रभावशील होने के बाद भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं लेने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम को बंद करा दिया। आयोजकों के संबन्ध में विस्तृत जानकारी लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। मालूम हो कि रविवार को ही ईसाई समाज का खजूर रविवार (पाम संडे) था। उसी दिन एक घर में कार्यक्रम से नया विवाद खड़ा हो गया था।