
नईदुनिया प्रतिनिधि अंबिकापुर । अंबिकापुर के भगवानपुर मोहल्ले के एक घर में ईसाई समाज के कार्यक्रम को प्रशासन ने रोकवा दिया। बीमारी ठीक करने का दावा कर लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित करने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया था। उनका कहना था कि यह विशुद्ध रूप से चंगाई सभा था।प्रति रविवार घण्टो यह कार्यक्रम चलता था। पुलिस व प्रशासन की टीम ने आयोजकों से कार्यक्रम आयोजन की अनुमति की जानकारी ली। किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।इसके पहले की विवाद बढ़ता प्रशासन ने कार्यक्रम को बंद करा दिया।
भगवानपुर मोहल्ले में एक घर को किराए पर लिया गया है।इसमें द फादर हाउस प्रार्थना घर का बोर्ड लगाया गया है। प्रति रविवार को यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इसमें अशक्त और बीमार लोग भी रहा करते थे। मोहल्ले में रहने वालों की मानें तो आयोजन में शामिल होने वाले कुछ लोग असामान्य आवाज निकालते थे। स्थानीय निवासी रोशन तिवारी ने बताया कि यहां चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था, अंधविश्वास फैला कर मरीजों को ठीक करने का काम किया जा रहा था। दीपक राव ने आरोप लगाया कि तीन सालों से इस तरह से चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। इसकी शिकायत भी कई बार की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को स्थानीय लोगों के द्वारा फिर से शिकायत करने के बाद प्रशासनिक टीम और पुलिस टीम मौके पर पहुँची और आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सभा को बंद कर दिया है।
अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाया गया कि चंगाई सभा में बीमारी ठीक करने का दावा कर लोगों को प्रलोभन देकर बुलाया जाता था। आयोजन को लेकर उठे विरोध के स्वर को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया था। सुरक्षा के बीच पुलिस ने कार्यक्रम में शामिल लोगों का बयान लिया। आयोजकों से भी पूछताछ की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने प्रलोभन देकर बुलाने के आरोप से इनकार किया। इधर आचार संहिता प्रभावशील होने के बाद भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं लेने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम को बंद करा दिया। आयोजकों के संबन्ध में विस्तृत जानकारी लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। मालूम हो कि रविवार को ही ईसाई समाज का खजूर रविवार (पाम संडे) था। उसी दिन एक घर में कार्यक्रम से नया विवाद खड़ा हो गया था।