
मनेन्द्रगढ़। विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बुंदेली में अल्प वर्षा के कारण किसानों की फसल चौपट होने की कगार पर है, ऐसे में अगर कुछ दिन बारिश नही हुई तो किसानों की कमर टूट जाएगी। इस नुकसान की भरपाई के लिए किसान राहत काम शुरू करने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी बातों को न अधिकारी सुन रहे हैं न जनप्रतिनिधि। ऐसे में किसान परिवार की महिलाओं ने एक अनूठा जलाभिषेक शुरू किया है जहां गांव की पूरी महिलाएं नंगे पांव 8 किमी चलकर हसदेव नदी से जल भरती हैं और फिर लोटे में भरे हुये जल से सभी महिलाएं गांव के देवताओं का जलाभिषेक करती हैं। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भजन गाकर भगवान से शीघ्र बारिश की कामना भी करती हैं।
जिले भर में चालू मानसून सत्र में बारिश की हालत बेहद खराब है। अभी तक अधिकांश गांवों में इतनी भी बारिश नही हुई है कि किसान धान का रोपा लगा सके। अगर यही स्थिति एक सप्ताह तक बनी रही तो किसानों की माली हालत और भी खराब हो सकती है। ऐसी स्थिति को देखते हुये चारों ओर से थके हारे किसान परिवार की महिलाओं ने अनूठा जलाभिषेक शुरू किया। ग्रामीण महिलाओं का मानना है कि भगवान हमारी जरूर सुनेंगे, यही वजह है कि गांव की पूरी महिलाएं सुबह होते ही मंदिर के नजदीक इकट्ठा होती हैं जहां वे खाली पेट और नंगे पांव समूह बनाकर तीन किलोमीटर दूर हसदेव नदी तक जाती हैं। इस दौरान उनके हाथ में एक खाली लोटा होता है जिसे वे हसदेव नदी में भरकर फिर वापस मंदिर तक पहुंचती हैं।
नहाने के बाद उठाती है जल
हसदेव नदी में जाने वाली महिलाएं, युवतियां जल भरने से पहले नदी में नहाती हैं और फिर उसी तरह गीली अवस्था में गांव की पगडंडियों से होते हुए मंदिर पहुंचती हैं। यहां गांव के अन्य बुजुर्ग भी पहले से मौजूद होते हैं और उसके बाद सभी मिलजुल कर ग्राम देवता व भगवान शिव की पूजा आराधना करते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भगवान हम गरीबों की जरूर सुनेंगे क्योंकि अगर बारिश नही होगी तो किसान सड़क पर आ जाऐंगे।