
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। शहर के हृदय स्थल घड़ी चौक स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय राजीव भवन में एक बार फिर चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। गुरुवार की रात अज्ञात चोरों ने कांग्रेस कार्यालय में घुसकर महिला एवं पुरुष शौचालयों में लगे लगभग 73 से अधिक स्टील के नलों की टोटियां चोरी कर ली।
चोरों ने चोरी के साथ कार्यालय परिसर में जमकर तोड़-फोड़ भी की और जाते-जाते ऊपरी मंजिल पर अंग्रेजी में 'I Love Ambikapur' लिखने के साथ आपत्तिजनक शब्द भी लिख डाला है। बताया जा रहा है लगभग एक लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक की शिकायत पर कोतवाली थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि दो वर्षों में राजीव भवन में चोरी की यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी कार्यालय को चोर निशाना बना चुके हैं। लगातार हो रही वारदातों ने शहर की कानून व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना स्थल शहर के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में स्थित है।
राजीव भवन के आसपास ही यातायात पुलिस चौकी, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला न्यायालय मौजूद हैं। इसके बावजूद चोरों का बेखौफ होकर चोरी करना और दीवारों पर संदेश लिखकर जाना पुलिस व्यवस्था को खुली चुनौती माना जा रहा है।

चोरों ने भवन की तीनों मंजिलों में बने महिला एवं पुरुष शौचालयों को निशाना बनाया। कई स्थानों पर पाइप और अन्य उपस्करणों में भी तोड़फोड़ की गई है। सुबह कार्यालय पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद मौके पर भारी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर में सक्रिय नशेड़ी और असामाजिक तत्व लगातार माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजीव भवन में यह तीसरी बार चोरी हुई है। चोरों का दुस्साहस देखिए कि वे जमीन पर संदेश लिखकर जा रहे हैं। घड़ी चौक जैसे सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में चोरी की घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त और कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जब राजनीतिक दलों के कार्यालय सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शहर में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की रात्रिकालीन गश्त केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।