
0 बीएमएस के बैनर तले मांगों को लेकर प्रदर्शन
फोटो-26-
कुसमी। सामरी क्षेत्र में हिण्डालको कंपनी द्वारा संचालित बाक्साइट माइंस में कार्यरत मजदूरों द्वारा भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले बुधवार को अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल में चले जाने से सामरी क्षेत्र के सभी बाक्साइट खदानों में उत्खनन व परिवहन कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। इसे लेकर देर शाम तक दोनों पक्षों में वार्ता जारी थी, परन्तु वार्ता विफल रही। संघ की दो मांगें झारखंड से जुड़ी हैं।
भारतीय मजदूर संघ से मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा 19 जनवरी से खदानों में न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ा दिया गया है,परंतु हिंडालको कंपनी द्वारा बार-बार लिखित में मजदूरी बढ़ाने के मांग के बाद भी अभी तक इसे लागू नहीं किए जाने से मजदूरों में भारी असंतोष है। मजदूरों ने पीएफ नहीं काटे जाने की भी शिकायत की है। संघ का कहना है कि एक माह पूर्व हिण्डालको के महाप्रबंधक (कार्मिक) ने लिखित रुप से दिया था कि 30 मार्च तक सभी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा परन्तु आज तक पूरा नहीं किया गया है। लोहरदगा डिवीजन एवं सामरी डिवीजन के स्थाई श्रमिकों का डीए समान करने को कहा गया था उसे भी पूरा नहीं किया गया। इसे लेकर आज खदान में कार्यरत करीब 18 सौ मजदूर हड़ताल पर चले गए,जिससे सभी खदानो में उत्खनन व परिवहन कार्य पूर्ण रुप से बंद रहा। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले मजदूरों एवं हिंडालको के अधिकारी व ठेकेदार के बीच वार्ता में देर शाम तक सहमति नहीं बनीं। मजदूरों ने कहा है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगा।