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अंबिकापुर इंजीनियरिंग कॉलेज का बदला नाम, अब IIT की तर्ज पर 100 एकड़ में विकसित होकर शुरू करेगा AI कोर्स

अंबिकापुर के शासकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का नाम बदलकर 'अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान' कर दिया गया है, जिसे आईआईटी की तर्ज पर 100 एकड़ में विकसित किया जाएगा।

By Asim Sen GuptaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 05:33:19 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 05:33:19 PM (IST)
अंबिकापुर इंजीनियरिंग कॉलेज का बदला नाम, अब IIT की तर्ज पर 100 एकड़ में विकसित होकर शुरू करेगा AI कोर्स
सांसद चिंतामणि महाराज के साथ प्राचार्य डा आरएन खरे

HighLights

  1. अंबिकापुर इंजीनियरिंग कॉलेज का नया नाम बाबा कार्तिक उरांव संस्थान।
  2. आईआईटी की तर्ज पर 100 एकड़ में विकसित होगा परिसर।
  3. संस्थान को मिलेगा 10 करोड़ रुपये तक का केंद्रीय अनुदान।

नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर: सरगुजा अंचल के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। शासकीय अभियंत्रण महाविद्यालय अंबिकापुर अब अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान के नाम से जाना जाएगा। भारतीय तकनीकी संस्थान की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा।

प्राचार्य डा आरएन खरे ने बताया कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप देश में तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भारतीय तकनीकी संस्थान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान विकसित किए जाने की पहल की गई है।


प्रदेश में इस दिशा में कवर्धा, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर एवं जगदलपुर सहित सात स्थानों पर पहल की जा चुकी थी, जबकि सरगुजा लोकसभा क्षेत्र लंबे समय से इससे वंचित था। अब अंबिकापुर के शासकीय अभियंत्रण महाविद्यालय को छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान के रूप में विकसित किए जाने से सरगुजा को भी यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से जनवरी 2024 में संचालक तकनीकी शिक्षा को पत्र लिखकर अंबिकापुर के अभियंत्रण महाविद्यालय को छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान के रूप में विकसित किए जाने की पहल की गई थी। इस दिशा में 29 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यक्रम के दौरान सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज द्वारा पत्र प्रस्तुत कर तथा दूरभाष पर चर्चा कर इस विषय को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया।

छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान की स्थापना का मार्ग प्रशस्त

सांसद की पहल से एक ही निर्णय के माध्यम से दो महत्वपूर्ण उद्देश्य पूरे हो रहे हैं। एक ओर महान अभियंता बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर संस्थान की पहचान स्थापित होगी, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा सांसद से भेंट कर संस्थान की ओर से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आभार व्यक्त किया गया।

100 एकड़ में विकसित होगा परिसर

प्राचार्य डा आरएन खरे ने बताया कि संस्थान के वर्तमान परिसर में लगभग 42 एकड़ भूमि उपलब्ध है। समग्र विकास एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुल 100 एकड़ भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए जिला प्रशासन से अतिरिक्त 58 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा।

कलेक्टर से अनुरोध किया जाएगा कि संस्थान के मुख्य योजना के अनुरूप लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को वर्तमान प्रचलित दर के आधार पर सभी आवश्यक निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत अनुमान तैयार करने के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि अतिरिक्त बजट के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जा सके।

महाविद्यालय परिसर में चहारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। छात्राओं की सुविधा के लिए तीन छात्रावासों की योजना है, जिनमें से दो महिला छात्रावास कोयला कंपनी बिलासपुर के सामाजिक दायित्व मद से तथा एक महिला छात्रावास तथा वाहन स्थान शेड राज्य शासन के माध्यम से लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त एक नए शैक्षणिक खंड के निर्माण की निविदा प्रक्रिया भी चल रही है।

नए पाठ्यक्रम भी होंगे शुरू

वर्तमान में संस्थान में विद्युत, यांत्रिक, संगणक विज्ञान एवं खनन अभियंत्रण विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसके साथ ही विद्युत एवं खनन विषयों में कार्यरत अभियंताओं के लिए स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इसी शैक्षणिक सत्र से प्रबंधन पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया गया है।संस्थान के शैक्षणिक विस्तार के लिए दो नए स्नातक पाठ्यक्रम संगणक विज्ञान एवं अभियंत्रण कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा इलेक्ट्रानिकी एवं दूरसंचार अभियंत्रण प्रारंभ किए जाने के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं।

दस करोड़ तक का अनुदान मिलने की संभावना

प्राचार्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान के रूप में संस्था के विकसित होने से भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय अनुदान एवं परियोजनाओं का लाभ प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे। भारत सरकार की बहुविषयी शिक्षा और तकनीकी शिक्षा में अनुसंधान सुधार योजना, जिसके अंतर्गत लगभग दस करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त करने का प्रावधान है, के तहत भी संस्था को शामिल किए जाने के लिए प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नई दिल्ली भेजा गया है।

छत्तीसगढ़ तकनीकी संस्थान बनने से उक्त योजना सहित केंद्र एवं राज्य शासन की अन्य तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, आधारभूत संरचना एवं नवाचार संबंधी योजनाओं का लाभ संस्था को प्राप्त होने की संभावनाएं और अधिक मजबूत होंगी।संस्थान का लक्ष्य इसे भविष्य में एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त तकनीकी संस्थान के रूप में विकसित करना है, जहां भारतीय तकनीकी संस्थान की तर्ज पर आधुनिक प्रयोगशालाएं, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा मिले।

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