
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। मानसून की वापसी 23 सितंबर से आरंभ होगी। हालांकि सरगुजा संभाग में मानसून की वापसी में अभी समय है और इस बीच आगामी एक दो दिनों में बादल छाने और हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। जून से सितंबर के बीच मानसून सीजन में इस बार संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में रिकार्ड तोड़ वर्षा हुई।
हालांकि सरगुजा जिले में अभी भी औसत वर्षा का आंकड़ा कम है। सबसे ज्यादा वर्षा अगस्त माह में दर्ज की गई। सितंबर में भी सामान्य वर्षा हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अंबिकापुर में औसत वर्षा 1211 मिमी है। इस वर्ष अब तक यहां 1290 मिमी वर्षा हो चुकी है। यानी वर्षा का प्रतिशत औसत को पार कर चुका है। मानसून वापसी से पूर्व कुछ दिन तक वर्षा होने की संभावना है।दिन-रात में तापांतर से बनता है कोहरा-
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि पिछले दिनों अंबिकापुर में अच्छी वर्षा हुई और आसमान बादलों से ढंका रहा। गुरूवार को मौसम साफ होते ही दिन व रात के तापमान में अंतर आ गया। कोहरा बनने के लिए यह अनुकूल परिस्थिति मानी जाती है। यही कारण रहा कि शुक्रवार सुबह शहर सहित आसपास के इलाके में घना कोहरा छाया रहा।
आज के बाद से रात होने लगेगी बढ़ी
मौसम विज्ञानी भट्ट के अनुसार 21-22 सितंबर को सूर्य के भूमध्य रेखा में प्रवेश करने के साथ ही दिन व रात की अवधि बराबर हो जाती है। इसके बाद क्रमश: दिन की अवधि घटती और रात की अवधि बढ़ती जाती है। रात की अवधि बढ़ते ही ठंड की दस्तक आरंभ हो जाती है। चूंकि इस समय मानसून का सीजन होने से हवा की दिशा पूर्वी है लेकिन जैसे ही मानसून की अवधि समाप्त होगी हवा की दिशा पश्चिमोत्तर हो जाती है। यह हवा अपने साथ ठंड को आगे धकेलती है।
10 से 15 अक्टूबर तक सरगुजा से मानसून की होगी वापसी
दक्षिण पश्चिम मानसून की अवधि जून से सितंबर तक मानी जाती है। इस बार मानसून की वापसी 23 सितंबर को राजस्थान से शुरू होगी। यह धीरे धीरे आगे बढेगा। मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा संभाग से इसकी वापसी 10 से 15 अक्टूबर के बीच होगी। इस दौरान वर्षा की संभावना बनी रहेगी।
सितंबर की वर्षा धान के लिए सर्वाधिक लाभकारी
मानसून काल के दौरान सरगुजा संभाग में खरीफ की सबसे महत्वपूर्ण फसल धान की बोवाई कर चुके किसान सितंबर में हाे रही वर्षा को सबसे लाभकारी बताते हैं। उनके अनुसार इस दौरान धान की फसल में बाली निकलने का क्रम बना रहता है। ऐसे में होने वाली बारिश धान की खेती के लिए फायदेमंद मानी जाती है।