
अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शुक्रवार 24 मार्च की सुबह को सरगुजा संभाग के लोग शायद ही भूल पाएं। तेज आवाज के साथ जब भूकंप आया तो हर कोई दहशत में आ गया। कुछ सेकेंड के ही झटके में लोगों को हाल ही में तुर्किये देश में आए भूकंप का दृश्य याद आ गया। भले ही सरगुजा में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन वर्षों बाद आया भूकंप भविष्य के लिए खतरे की चेतावनी माना जा सकता है।

मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार करीब पंद्रह वर्ष बाद ऐसा हुआ जब सरगुजा में भूकंप का केंद्र बिंदु बना। इससे पूर्व लखनपुर के गोरता इलाके में भूकंप का केंद्र बिंदु था। इसके बाद शुक्रवार को इसी इलाके में सोनपुर खुर्द में केंद्र बिंदु बना। शुक्रवार को आए भूकंप के दौरान सूरजपुर जिले के भटगांव क्षेत्र में दो सरकारी स्कूलों की दीवारों में हल्की दरार पड़ गई है। भूकंप के इन झटकों से भटगांव के डुमरिया तथा कोदवारी पारा प्राथमिक शाला भवन की दीवारों को नुकसान पहुंचा है। यहां के सरकारी स्कूलों में घटना के बाद से अवकाश भी दे दिया गया।

मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार शुरू में जो रिपोर्ट आई थी उसमें भूकंप का केंद्र अंबिकापुर से 22 किलोमीटर दूर भटगांव क्षेत्र में बताया गया था, लेकिन कुछ देर बाद मौसम विज्ञान केंद्र की भूकंप वेधशाला से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार भूकंप का केंद्र ग्वालियर के पास था। करीब दो घंटे बाद मौसम विज्ञान विभाग ने अधकिृत जानकारी देते हुए भूकंप का वास्तविक केंद्र अंबिकापुर नगर के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में सैनिक स्कूल के पास सोनपुर खुर्द बताया। यह भूकंप प्रातः 10 बजकर 28 मिनट पर महसूस किया गया। क्रमिक अंतराल में दो झटके महसूस होने की पुष्टि स्थानीय लोगों ने की है। इस तीव्रता में कच्चे मकानों को नुकसान होने की ज्यादा आशंका रहती है। पक्के घरों में कहीं-कहीं दरार भी पड़ सकती है।
सुबह जिस वक्त भूकंप के तेज झटके महसूस हुए उस समय अंबिकापुर कलेक्टोरेट के विभिन्ना कार्यालयों में कामकाज शुरू हो गया था। अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय पहुंच रहे थे। इसी दौरान तेज आवास के साथ कंपन महसूस हुई। इससे दहशत में आए अधिकारी-कर्मचारी कामकाज छोड़ बाहर की ओर भागे। इस दौरान अफरातफरी की स्थिति बनी रही। काफी देर तक कर्मचारी दहशत के कारण भीतर नहीं गए। स्थिति सामान्य होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने कार्यालय में काम पर लौटे।
जिस समय भूकंप का झटका आया उस समय कई स्कूल संचालित हो रहे थे। इससे वहां के बच्चे दहशत में आ गए। घटना के समय कुछ कक्षाएं लगने वाली थी। इसे देखते हुए शहर सहित सरगुजा जिले के कई स्कूलों में किसी संभावित खतरे को देखते हुए अवकाश घोषित कर दिया गया। सूरजपुर जिले के भी स्कूलों में छुट्टी दे दी गई।
भूगोलविद डा. अनिल सिन्हा के अनुसार भौगोलिक दशा में छेड़छाड़ का परिणाम ही भूकंप का कारण बनता है। शुक्रवार को सरगुजा जिले में आए भूकंप का केंद्र बिंदु सोनपुर खुर्द था। इसके कारणों के पीछे जाएं तो पता चलेगा कि वहां आसपास कहीं न कहीं बड़े बांध या कोयला उत्खनन होता होगा। इससे पृथ्वी के भीतर असंतुलन बढ़ता है। इसे पृथ्वी खुद संतुलित करती है। यही कारण है कि उस इलाके से टेक्टोनिक वेव निकलते हैं जो आसपास में कंपन महसूस कराते हैं। चूंकि यह इलाका भूकंप के लिए संवेदनशील टेक्टोनिक प्लेट में नहीं आता लिहाजा भौगोलिक दशा बिगड़ने का कारण ही भूकंप को माना जा सकता है।
- 11 जुलाई 2022 - कोरिया जिला बैकुंठपुर, 4.3 रिक्टर, सुबह आठ बजकर 10 बजे
- 29 जुलाई 2022 -कोरिया जिला बैकुंठपुर, 4.6 रिक्टर, रात 12 बजकर 58 मिनट
- चार अगस्त 2022 - सूरजपुर जिला का गंगोटी क्षेत्र, सुबह 11.57 मिनट, 3.0 रिक्टर
- 14 अक्टूबर 2022 - कोरिया जिला, सुबह 5.28 बजे, 4.8 रिक्टर
- 24 मार्च 2023- सरगुजा जिला सोनपुर खुर्द, सुबह 10.28 बजे, 3.9 रिक्टर