
नईदुनिया प्रतिनिधि, बलरामपुर : जिले में यातायात व्यवस्था को पारदर्शी और कैशलेस बनाने के लिए पुलिस ने दो बड़ी पहल शुरू की है। सभी थाना-चौकियों में ई-चालान व्यवस्था लागू कर दी गई है, वहीं नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर मोटर यान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत अभिभावकों के विरुद्ध सीधे न्यायालय में कार्रवाई शुरू की गई है।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर डिजिटल इंडिया के तहत ई-चालान प्रणाली शुरू की गई है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देशन में जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों की ई-चालान आइडी तैयार करा दी गई है।
यातायात प्रभारी रक्षित निरीक्षक विमलेश कुमार देवांगन ने बताया कि अधिकृत डिवाइस के माध्यम से अधिकारी मौके पर ही ऑनलाइन चालान कर सकेंगे। शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, तेज गति और अन्य नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई होगी। वाहन चालक परिवहन विभाग की वेबसाइट पर घर बैठे चालान राशि जमा कर सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कैशलेस व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
नाबालिग वाहन चलाते मिले तो अभिभावक जाएंगे कोर्ट
दूसरी ओर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। आइजी सरगुजा रेंज दीपक झा के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान के तहत पहले चरण में 30 जुलाई 2026 से सभी शासकीय-अशासकीय स्कूलों में जनजागरूकता अभियान चलाया गया। बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को नाबालिगों को वाहन न देने की समझाइश दी गई।इसके बाद दूसरे चरण में कार्रवाई शुरू की गई।
जिले में 83 प्रकरणों में 1,23,500 रुपये समन शुल्क वसूला गया है।अब धारा 199(क) के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग के वाहन चलाते मिलने पर वाहन जप्त कर अभिभावक या वाहन स्वामी के खिलाफ प्रकरण न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
वर्तमान में थाना रामानुजगंज के दो, यातायात बलरामपुर के दो और चौकी वाड्रफनगर के दो कुल छह प्रकरणों में कोर्ट में पेशी की जा रही है।इस धारा में 25 हजार रुपये तक जुर्माना और तीन साल तक कारावास का प्रविधान है। पुलिस ने अपील की है कि अभिभावक किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को वाहन न दें।