
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : स्कूल शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश से सरगुजा जिले के 80 हाईस्कूलों में चतुर्थ श्रेणी का एक भी कर्मचारी (भृत्य) नहीं बचा है। अब इन स्कूलों में सुबह ताला खोलने से लेकर शाम को बंद करने और साफ-सफाई तक की पूरी जवाबदारी शिक्षक-शिक्षिकाओं पर आ गई है। इससे स्कूलों के प्रबंधन में चिंता उभर गई है।
संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश का असर अंबिकापुर के ब्रह्मपारा स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, शहर से लगे केशवपुर तथा सोहगा के स्वामी आत्मानंद स्कूल जैसे बड़े संस्थानों पर भी पड़ा है। इन स्कूलों में अब चतुर्थ श्रेणी का कोई कर्मचारी नहीं बचा है। खास बात यह कि इन तीनों बड़े स्कूलों में बच्चों की संख्या 500 से भी अधिक है। ऐसे में बिना भृत्य के रोज स्कूल खोलने-बंद करने के साथ साफ-सफाई की व्यवस्था कैसे होगी, यह बड़ा सवाल बन गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पद स्वीकृत नहीं होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही थी। अब शासन के निर्देश पर संलग्नीकरण हटाया गया है। स्कूलों में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्था के लिए नए सिरे से प्रस्ताव भेजा जाएगा। उधर स्कूल प्रबंधन इस बात को लेकर चिंता में है कि वह बच्चों से भी किसी प्रकार का कार्य नहीं ले सकते हैं जबकि पूर्व के वर्षों में बच्चे अपने स्थल की साफ सफाई करने के साथ ही टाटपट्टी भी बिछाया करते थे ।आज के दौर में ऐसा करने पर तत्काल कार्रवाई हो जाती है इसलिए शिक्षक - शिक्षिकाओं को ही स्कूलों का ताला खोलने से लेकर साफ - सफाई की व्यवस्था करनी होगी।
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आरएमएसए स्कूलों में पद ही स्वीकृत नहीं
दरअसल राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले के हाईस्कूलों में चतुर्थ श्रेणी का पद ही स्वीकृत नहीं है। लेकिन इन स्कूलों में अभी तक दूसरे स्कूलों से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को संलग्न कर काम कराया जा रहा था। सुबह स्कूल खोलने, शाम को बंद करने के अलावा साफ-सफाई और दूसरे काम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा किए जाते थे। अभी तक किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई थी।
आनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता बना कारण
शासन स्तर से स्कूल शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण समाप्त करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही मूल पदस्थापना स्थल से ही ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता कर दी गई। संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा गैर-शैक्षणिक पदों के कर्मचारियों का संलग्नीकरण मुख्यालय स्तर से ही समाप्त कर दिया गया। वहीं शैक्षणिक पदों के लिए स्थानीय स्तर पर संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थापना स्थल पर कर्मचारियों को काम करने का आदेश दिया गया है। इस कारण पुरानी व्यवस्था समाप्त हो गई है।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों में नहीं हुई भर्ती
ब्रह्मपारा,केशवपुर तथा सोहगा के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय पहले राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के हाईस्कूल थे। पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में इन स्कूलों का स्वामी आत्मानंद स्कूल के रूप में उन्नयन कर दिया गया। शासन स्तर से स्वामी आत्मानंद स्कूलों के लिए चतुर्थ श्रेणी के भृत्य का पद स्वीकृत किया गया था। लेकिन सरगुजा जिले में इन पदों पर भर्ती ही नहीं हुई।
स्थानीय स्तर पर दूसरे स्कूलों तथा कार्यालयों में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संलग्न कर दिया गया था। इससे व्यवस्था बनी हुई थी और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आ रही थी। लेकिन अब संलग्नीकरण समाप्त कर दिया गया है। चतुर्थ श्रेणी के ये कर्मचारी अपने मूल पद, मूल कार्यस्थल पर सेवा देंगे। इस कारण 80 हाईस्कूलों में अब कोई भी भृत्य नहीं रह गया है। इन स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं पर ही स्कूल खोलने-बंद करने और साफ-सफाई की जवाबदारी आ गई है।
वर्जन
शासन के आदेश पर संलग्न कर्मचारियों को मूल पदस्थापना वाले संस्थानों के लिए कार्यमुक्त किया गया है। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की बहनें तथा स्वीपरों के माध्यम से स्कूलों का काम कराया जा सकता है। इसके अलावा क्या व्यवस्था हो सकती है,यह भी देखा जाएगा।
डा दिनेश कुमार झा
जिला शिक्षाधिकारी सरगुजा