अंबिकापुर में हाथी का तांडव: कुल्हाड़ी के जंगल में महिला को पटककर मार डाला, अब तक ले चुका पांच जानें
सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर स्थित कुल्हाड़ी के जंगल में बुधवार सुबह एक दंतैल हाथी ने महुआ बीनने गई महिला को कुचलकर मार डाला। दल से अलग हुआ यह हाथी पिछले कुछ समय में पांच ग्रामीणों की जान ले चुका है। हाथी के लगातार बदलते मूवमेंट के कारण वन विभाग को उसकी निगरानी में भारी मुश्किल हो रही है।
Publish Date: Wed, 17 Jun 2026 11:13:36 AM (IST)Updated Date: Wed, 17 Jun 2026 11:13:36 AM (IST)
बुधवार सुबह एक दंतैल हाथी ने महुआ बीनने गई महिला को कुचलकर मार डाला।HighLights
- हाथी के हमले से पांचवीं मौत, वन अमले ने गांवों में कराई मुनादी।
- हाथी के मूवमेंट का नहीं मिल पा रहा पता, ग्रामीणों के लिए चुनौती।
- वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर अंबिकापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुल्हाड़ी के जंगल में बुधवार सुबह हाथी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। दल से बिछड़ा यह अकेला हाथी बेहद आक्रामक हो चुका है। बुधवार की घटना को मिलाकर यह हाथी अब तक पांच लोगों की जान ले चुका है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।
जानकारी के अनुसार कुल्हाड़ी गांव निवासी महिला बुधवार सुबह महुआ का फल ‘डोरी’ बीनने के लिए जंगल की ओर गई थी। वह जंगल के किनारे कच्ची सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान उसका सामना दल से बिछड़े एक दंतैल हाथी से हो गया। हाथी ने महिला को सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। महिला का शव काफी देर तक कच्ची सड़क पर पड़ा रहा। हमले के बाद हाथी कुछ देर तक आसपास मंडराता रहा, फिर जंगल की ओर चला गया।घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी तत्काल कुल्हाड़ी पहुंचे।
वन अमले ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रारंभिक मुआवजा राशि स्वजन को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हमला करने वाला यही दंतैल हाथी पिछले कुछ माह से इलाके में भय का पर्याय बना हुआ है। दल से बिछड़ने के बाद यह ज्यादा आक्रामक हो गया है। बुधवार को कुल्हाड़ी में महिला की मौत के साथ इस हाथी के हमले से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। इसके पहले इसी हाथी ने कल्याणपुर के कोटबहरा जंगल में एक ग्रामीण को कुचलकर मार डाला था। इसके बाद अखोरा गांव में खेत से लौट रहे ग्रामीण पर हमला कर उसकी जान ली थी। कुछ दिन पहले यह हाथी भटकते हुए राजपुर वन परिक्षेत्र के कुंदीकला गांव पहुंचा था, जहां उसने सुबह जंगल की ओर जा रहे दंपती को कुचल दिया था।
ग्रामीणों और वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस हाथी का मूवमेंट है। अकेला होने के कारण यह बड़ी तेजी से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में पहुंच जाता है। रात में कई किलोमीटर का सफर तय कर लेता है, जिससे इसकी निगरानी मुश्किल हो रही है। वन विभाग ने हाथी की लोकेशन ट्रैक करने के लिए विशेष टीम लगाई है, लेकिन घने जंगल और लगातार स्थान बदलने से सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही।
ग्रामीणों का कहना है कि कुल्हाड़ी के जंगल में हाथी के आने की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। यदि हाथी के मूवमेंट की जानकारी पहले मिल जाती तो शायद महिला सुबह जंगल की ओर नहीं जाती। घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएं। वन अमले ने हाथी की उपस्थिति वाले जंगल से लगे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने का काम शुरू कर दिया है।