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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Elephant attack in Chhattisgarh: पहाड़ी पर पंडो बस्ती में हाथियों ने बोला हमला, मासूम सगे भाई बहन की मौत

अंबिकापुर सूरजपुर जिले के प्रेमनगर क्षेत्र से लगे महेशपुर के मुलकी पहाड़ में शनिवार देर रात 11 हाथियों के दल ने खूब उत्पात मचाया। पहुंचविहीन इस इलाके ...और पढ़ें

By Apurv SinghEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 10 Nov 2024 04:55:35 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 Nov 2024 04:55:35 PM (IST)
Elephant attack in Chhattisgarh: पहाड़ी पर पंडो बस्ती में हाथियों ने बोला हमला, मासूम सगे भाई बहन की मौत
हाथियों द्वारा तोड़ी गई झोपड़ी

HighLights

  1. दुखद घटना में मृतक बच्चे थे सगे भाई बहन
  2. सूरजपुर जिले के प्रेमनगर इलाके की घटना
  3. क्षेत्र में 11 हाथियों के दल ने मचाया उत्पात

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। हाथियों ने पंडो परिवार की इन्ही झोपड़ी को तोड़ना शुरू कर दिया गहरी नींद में सो रहे लोगों को हाथियों के आने का पता नहीं चला। हाथियों ने जब झोपड़ी तोड़नी शुरू की तो घर में सोए हुए ग्रामीण अपने-अपने बच्चों को लेकर भागे।

इस दौरान बीखू राम पंडो अपने दो बच्चों को लेकर वहां से भागने में सफल रहा लेकिन तीन बच्चे झोपड़ी में ही फंस गए। इसमें एक पांच साल का बच्चा देव सिंह झोपड़ी के भीतर छिप गया, लेकिन 11 वर्षीय पुत्र डिशु पंडो और पांच साल की पुत्री काजल उर्फ भूती को हाथियों ने कुचल कर मार डाला।


मौके पर वन विभाग की टीम व ग्रामीण

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हाथियों ने झोपड़ी पूरी तरह नष्ट कर दिया, झोपड़ी में पड़ा था दोनों बच्चे का शव

इधर हाथियों के बस्ती में पहुंचने की खबर देर रात वन विभाग को मिली। आसपास हाथियों की मौजूदगी होने के बावजूद वन विभाग की टीम और ग्रामीण लगभग डेढ़ किमी पैदल चलकर पहुंचे। झोपड़ी पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी और दोनों बच्चे का शव भी पड़ा हुआ था। पांच साल का बीखू राम का पुत्र देव सिंह वही मिला। बताया गया कि 11 हाथियों का दल तारा क्षेत्र से प्रेमनगर की ओर आया है। इसी दल ने महेशपुर से पांच किलोमीटर दूर मुलकी पहाड़ इलाके में शनिवार रात धावा बोला था। फिलहाल हाथियों का दल प्रेमनगर के रिहायशी क्षेत्र से लगे बिरंची बाबा पहाड़ी में डटा हुआ है।

बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

रामानुजनगर के रेंजर रामचंद्र प्रजापति सहित वन विभाग का हमला इलाके में मौजूद है। दोनों बच्चों के शव को वहां से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वन विभाग की ओर से बच्चों के स्वजन को 25-25 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने की समझाइश दी है। हाथियों द्वारा तोड़ी गई झोपड़ी, मौके पर वन विभाग की टीम व ग्रामीण