बलरामपुर में सरकारी नौकरी का झांसा देकर 2.75 लाख की ठगी, आरोपी ने फर्जी चेक देकर थाने में रची झूठी साजिश
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के संविदा कर्मियों से नियमित नौकरी के नाम पर 2.75 लाख की ठगी का मामल...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Oct 2026 08:18:27 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Oct 2026 08:18:27 PM (IST)
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- बलरामपुर में नियमित नौकरी दिलाने के नाम पर 2.75 लाख की ठगी।
- आरोपी विकास दोहरे ने चेक देकर बैंक में कराया स्टॉप पेमेंट।
- पीड़ितों की शिकायत पर बसंतपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत संविदा पर लगे युवाओं को नियमित नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर ली गई। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के आदेश पर थाना बसंतपुर में जांच शुरू कर दी गई है। जांच में प्रार्थी और गवाहों के कथन के बाद ठगी का मामला प्रथम दृष्टया सही पाया गया है।
प्रकरण में विकास दोहरे नामक व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार प्रार्थी प्रेमशंकर व उनके साथी अनिल, दिनेश, गोविंद एवं अवधेश वाड्रफनगर क्षेत्र के निवासी हैं। ये सभी शिक्षा विभाग में रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने के लिए तीन माह के संविदा पर कार्यरत थे।
प्रार्थियों का आरोप है कि इसी दौरान ग्राम रजखेता पोस्ट वाड्रफनगर निवासी आरोपित विकास दोहरे ने उन्हें नियमित नौकरी लगवा देने का झांसा दिया। नियमित नौकरी के नाम पर आरोपित ने अलग-अलग किस्तों में कुल दो लाख 75 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से ले लिए।
रुपये लेने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की। पुलिस अधीक्षक के आदेश के परिपालन में थाना बसंतपुर में निरीक्षक द्वारा मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान एफआइआर का आवेदन दर्ज होने के बाद आरोपित विकास दोहरे ने थाना बसंतपुर में ही लिखित समझौता किया और राशि लौटाने का आश्वासन दिया।
समझौते के तहत आरोपित ने पीड़ितों को दो लाख पांच हजार रुपये का चेक भी दिया। प्रार्थियों के अनुसार जब उक्त चेक को भुगतान के लिए बैंक में लगाया गया तो पता चला कि आरोपित ने पहले ही बैंक में जाकर चेक पर स्टॉप पेमेंट करवा दिया है। यही नहीं, खुद को बचाने के लिए आरोपित ने चेक चोरी होने की झूठी शिकायत भी दर्ज करा दी है।
पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को पुनः आवेदन देकर आरोपित के विरुद्ध धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में एफआइआर दर्ज कर राशि की रिकवरी और गिरफ्तारी की मांग की है। आवेदन के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मूल चेक और बैंक द्वारा स्टॉप पेमेंट की पर्ची की छायाप्रति भी संलग्न की गई है।थाना बसंतपुर पुलिस का कहना है कि प्रार्थी, गवाहों और अनावेदक सभी के कथन दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच जारी है, जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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