नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर : शहर के रसूलपुर मोहल्ले में भारतीय जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता बशीरुद्दीन सिद्दीकी(66) की चाकू से वार कर हत्या की घटना में शामिल तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें भाड़े का हत्यारोपित ग्राम किनी इंद्रानगर चैनपुर पलामू झारखंड निवासी कंचन कुमार (28), साजिशकर्ता दामाद तकिया सरनापारा रनपुर खुर्द निवासी नाजिम शबा पिता मोईन अंसारी (30) तथा आरोपितों को शरण देने वाला तकिया पानी टँकी के पास रनपुर निवासी नेजारूउद्दीन उर्फ गुड्डू (32) शामिल हैं।
घटना में शामिल दो आरोपित फरार हैं। इनमें से एक को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने की खबर है। आरोपितों के पास एक देशी कट्टा होने की जानकारी भी सामने आई है जो फरार आरोपितों के गिरफ्तारी के बाद जब्त हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं घटना के दौरान पहना गया कपड़ा, बस टिकट जब्त किया गया है। बुधवार सुबह रसूलपुर में बशीरुद्दीन सिद्दीकी पर जानलेवा हमला तथा बाद में मौत की सूचना पर आइजी दीपक कुमार झा,एसएसपी राजेश अग्रवाल घटनास्थल पर पहुंचे थे।
पूछताछ में दामाद नाजिम शबा द्वारा भाड़े के हत्यारों से घटना कारित करवाने की जानकारी सामने आने पर सबसे पहले उसे पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में ही उसने बताया कि चैनपुर पलामू निवासी कंचन कुमार व दो अन्य आरोपितों से ससुर की हत्या करवाने का पांच लाख में सौदा किया था।
तीनों आरोपितों को अपने दोस्त नेजारूउद्दीन के अजिरमा स्थित मकान में रुकवाने की भी जानकारी दी। इस पर पुलिस ने नेजारुद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया। घटना कारित कर पैदल ही शंकरघाट की ओर भाग रहे भाड़े के आरोपित कंचन कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दो अन्य आरोपितों का नाम भी पुलिस को बताया। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना हो चुकी है।
खबर है कि एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।सीएसपी राहुल बंसल के साथ थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, साइबर सेल टीम से साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, आरक्षक जितेश साहू, अशोक यादव, रमेश राजवाड़े, अमन पुरी, राहुल केरकेट्टा इस प्रकरण के राजफ़ाश में सक्रिय रहे।
मोटरसाइकिल छोड़कर भागे थे आरोपित
घनी आबादी वाले रसूलपुर में पहुंचने के लिए आरोपितों ने मोटरसाइकिल का उपयोग किया था। मोटरसाइकिल को दूर खड़ी कर वे पैदल ही घटनास्थल पहुंचे थे। घटना कारित कर पैदल ही तीनों भागे। इनकी स्थिति ऐसी हो गई कि वे अपनी मोटरसाइकिल तक नहीं पहुंच सके। अलग-अलग दिशाओं में भागे तीनों में से एक पैदल ही शंकरघाट की ओर जा रहा था। वहां से वह भी बस पकड़ कर भागने की फिराक में था लेकिन उसके पहले ही उसे पकड़ लिया गया। नाकेबंदी के बाद भी दो आरोपित भाग निकलने में सफल हो गए थे।
दो दिन पहले ही बस से पहुंचे थे हत्यारे ,रेकी के बाद वारदात
मृतक बशीरुद्दीन के दामाद नाजिम शबा ने पलामू के आरोपितों से पांच लाख में हत्या का सौदा किया था। काम होने के बाद रकम देने की बात हुई थी। घटना से दो दिन पहले 14 सितंबर की शाम ही तीनों अंबिकापुर पहुंच चुके थे। तीनों को नेजारुद्दीन के अजिरमा स्थित मकान में रुकवाया था। अगले दिन सुबह और शाम को इन्होंने रसूलपुर में घटनास्थल की रेकी की थी।
किस रास्ते से वहां पहुंचना है,किस रास्ते से उन्हें घटना के बाद भागना है,यह सब पहले ही तय हो चुका था। आरोपितों में से एक पहले भी अंबिकापुर शहर में निवास कर चुका है। एक आरोपित को घायलावस्था में ही बशीरुद्दीन ने पकड़ लिया था लेकिन कथित रूप से कट्टे के बट से उनके सिर पर वार कर दिया गया था इसलिए वे गिर पड़े थे। अब तक की जांच में गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है।
तलाक के विवाद में हुई हत्या
मृतक बशीरुद्दीन की छोटी बेटी का विवाह तकिया निवासी नाजिम सबा से हुई थी। नाजिम द्वारा लगातार पत्नी को प्रताड़ित किया जा रहा था। प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने मायके में आकर रहने लगी थी। उसने पति से तलाक के लिए प्रयास किया लेकिन पति द्वारा तलाक नहीं देने पर उसने न्यायालय की शरण ली है।
न्यायालय में तलाक का केस विचाराधीन है। इस पर 26 सितंबर को सँभवतः अंतिम सुनवाई और निर्णय होना है। इसी विवाद के कारण दामाद द्वारा बाहरी लोगों को बुलवाकर अपने ससुर की हत्या करवाई गई। मृतक की संपत्ति पर भी आरोपित दामाद की नजर थी। तलाक देने पर पहले भी उसने जान से मारने की धमकी दी थी।
यह था घटना
क्रम रसूलपुर निवासी बशीरुद्दीन सिद्दीकी , भारतीय जीवन बीमा निगम में अभिकर्ता के रूप में काम करते थे। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। बेटा रायपुर में और बड़ी बेटी ससुराल में रहती है। पति से विवाद के कारण छोटी बेटी पिता के यहां ही रह रही है। बुधवार की सुबह लगभग 9:30 बजे बशीरुद्दीन सिद्दीकी सब्जी लेकर घर पहुंचे थे।
घर का दरवाजा बंद कर वे भीतर गए। उसी दौरान बाहर से दरवाजा पीटने की आवाज आई। बेटी ने भीतर से ही जानना चाहा तो बाहर खड़े लोगों ने बताया कि उन्हें किराये का मकान चाहिए। कपड़े बदलकर बशीरुद्दीन ने दरवाजा खोला उसी दौरान बाहर खड़े लोग भीतर घुस गए। उन्होंने उनपर चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।