अनंगपाल दीक्षित

अंबिकापुर।(नईदुनिया) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता के सपने को उत्तर छत्तीसगढ़ साकार कर रहा है। इसके लिए अंबिकापुर नगर निगम रोल माडल बना हुआ है। इससे प्रेरित होकर संभाग के छह निकाय इस बार स्वच्छता सूची में शामिल हुए हैं। इनमें उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम के बाद अब चिरमिरी नगर निगम, बलरामपुर नगर पालिका, जशपुर नगर पालिका,बिश्रामपुर नगर पंचायत और खोंगापानी नगर पंचायत शामिल हैं। एक अक्टूबर को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तर छत्तीसगढ़ के इन नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्वच्छता सम्मान प्रदान करेंगी तो इन निकायों के नागरिक भी गर्व महसूस करेंगे।अंबिकापुर नगर निगम में वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री के आह्वान पर स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2017 से अंबिकापुर को लगातार राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार मिल रहा है। इस बार भी अंबिकापुर का परचम लहराया है।

अंबिकापुर माडल कुछ वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नगरीय निकायों में लागू किया गया था। घर-घर कचरा संग्रहण का काम हर जगह शुरू हुआ। ई-रिक्शा का उपयोग कर कचरा प्रबंधन केंद्र तक कचरा ले जाने की शुरुआत हुई पर कई नगरीय निकाय पिछड़ गए। यही नहीं दूसरे राज्यों से भी लगातार अंबिकापुर माडल का अध्ययन करने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी यहां आते हैं। देश के कई शहरों में भी अंबिकापुर माडल के तौर पर काम चल रहा है।नेपाल से भी अंबिकापुर माडल का अध्ययन करने प्रतिनिधि आ चुके हैं। इस बीच अंबिकापुर शहर ने स्वच्छता को लेकर कई नवाचार किए। घर-घर कचरा संग्रहण के साथ सूखे और गीले कचरे का बेहतर निपटान व कचरे से आय अर्जित करने का काम यहां की स्वच्छता दीदीयों ने किया और अब परिवार का भरण पोषण भी शहर के कचरा प्रबंधन से ही कर रहीं हैं।

ठोस कचरे को कबाड़ के रूप में बेचा जा रहा है।गीले कचरे का कंपोस्ट बनाया जा रहा है। यहां पूरी तरह कचरा आय अर्जित करने का जरिया बना हुआ है। इसे सरगुजा संभाग के अधिकांश नगरीय निकायों ने लागू किया। इस बार संभाग के चिरमिरी नगर निगम ने भी छोटे नगर निगमों में स्वच्छता के लिए बेहतर काम कर अपना नाम पुरस्कार के श्रेणी में दर्ज करा लिया है।चिरमिरी के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला मुख्यालय का बलरामपुर नगर पालिका,सूरजपुर जिले का बिश्रामपुर,कोरिया जिले का खोंगापानी नगर पंचायत के साथ जशपुर नगर पालिका भी शामिल हो गया है। संभाग के आधा दर्जन नगरीय निकाय अब अंबिकापुर नगर निगम से प्रेरित होकर स्वच्छता के क्षेत्र में झंडा गाड़ चुके हैं।

इन कामों से हुआ चयन-

अंबिकापुर ने तो कई वर्षों से स्वच्छता के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय अवार्ड हासिल किया है किंतु अंबिकापुर की तर्ज पर चिरमिरी नगर निगम ने भी लंबी छलांग लगाई है। छोटे नगर निगमों में चिरमिरी का चुना जाना बड़ी बात है। बलरामपुर 10 हजार से भी कम जनसंख्या वाला नगर पालिका है। इसी तरह जशपुर भी कम जनसंख्या वाला निकाय है। छोटे नगर पंचायतों में विश्रामपुर और खोंगापानी ने भी बेहतर काम किया है। इन नगरीय निकायों ने फास्टट्रैक मुवर यानी काफी नीचे से अचानक ऊपर रैंक में आकर क्षेत्रीय अवार्ड की श्रेणी में जगह बनाई है।

अंबिकापुर को अबतक प्राप्त स्वच्छता सम्मान-

0अंबिकापुर नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में दो लाख की जनसंख्या में देश में प्रथम एवं पूरे देश में 15 वां स्थान।

0स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में दो लाख की जनसंख्या में देश में प्रथम, बेस्ट प्रैक्टिस इनोवेशन में देश में अव्वल एवं पूरे देश में 11 वां स्थान।

0स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में दो लाख की जनसंख्या में देश में प्रथम एवं पूरे देश में दूसरा स्थान व फाइव स्टार रेटिंग।

0स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में एक लाख से 10 लाख के जनसंख्या के शहरो में अंबिकापुर अव्वल।

0स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में एक से तीन लाख में प्रथम व देश में पांचवा स्थान।

हमें गर्व है इस बात पर कि अंबिकापुर माडल पर अन्य निकाय काम करने लगे हैं और अब सम्मान भी पाने लगे हैं।अन्य छोटे नगरीय निकायों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए स्वच्छता को अपनाना चाहिए और स्वच्छता से ही रोजगार ढूंढना चाहिए। अंबिकापुर ने यही किया है। इतने बड़े देश में लगातार अपनी स्थिति को बनाए रखना आसान नहीं होता। निरंतर कार्य करना पड़ता।

डा अजय तिर्की

महापौर,अंबिकापुर

Posted By: Yogeshwar Sharma

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