
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। तीन राज्यों की सीमा से लगे बलरामपुर जिले में धान तस्करी के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का राजस्व एवं पुलिस बल ने राजफाश किया है। प्रकरण में कुल नौ लोगों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है। इनमें से चार लोगों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। इसके पहले भी किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर धान बिक्री करने वाले पिता-पुत्र को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया था। उनके पास के किसानों से जुड़े दस्तावेज तथा हस्ताक्षरित चेक जब्त किए गए थे।
अंतरराज्यीय धान तस्करी गिरोह को राजफाश करने का सुराग एक पिकअप की जब्ती से मिला। पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 64 सीटी 0199 को पकड़ा गया, जिसमें अवैध रूप से धान का परिवहन किया जा रहा था। पकड़े गए वाहन और उससे जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ में उत्तर प्रदेश व छत्तीसगढ़ के कुल नौ लोगों की संलिप्तता सामने आई है।
इनमें उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के थाना बभनी क्षेत्र अंतर्गत सागोबांध निवासी श्रवण कुमार (25), कृष्ण मोहन कुमार (19), विनय कुमार गुप्ता (20), राजदेव गुप्ता (34), राधेश्याम गुप्ता (30), सत्यदेव गुप्ता (50) और मनोज कुमार (21) शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के थाना सनावल क्षेत्र के त्रिशुली निवासी विकाश (21) तथा जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के पचावल निवासी विंध्याचल गुप्ता (42) की भी भूमिका पाई गई है।
धान तस्करी में मुख्य भूमिका पाए जाने पर श्रवण कुमार, कृष्ण मोहन कुमार और विकास कुमार के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस अवैध कार्य में सहयोग करने वाले विनय गुप्ता, राजदेव गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता और मनोज गुप्ता को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।
इसके अलावा आरोपितों को छुड़ाने के प्रयास में शामिल पाए गए विंध्याचल गुप्ता और सत्यदेव गुप्ता के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें बाउंड ओवर किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध धान परिवहन करने वाले बिचौलियों और सहयोगियों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए सूचना तंत्र को और मजबूत किया गया है तथा लगातार धरपकड़ की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की ओर से गांव-गांव में वालंटियर भी तैयार किए गए हैं, जो धान तस्करों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अवैध धान तस्करी की जानकारी बिना भय के साझा करें, ताकि इस तरह के संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।