
अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून के आखिरी दिनों में सक्रिय अवदाब क्षेत्र के असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ तर-बतर हो गया है। इससे किसान बहुत राहत महसूस कर रहे हैं। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया जिले में दो दिनों से स्र्क-स्र्क कर वर्षा हो रही है। अंबिकापुर में चौबीस घंटे के भीतर करीब 30 मिमी वर्षा हो चुकी है। शुक्रवार को दिन भर वर्षा का क्रम बना रहा। हालांकि अवदाब का ज्यादा असर झारखंड से लगे बलरामपुर जिले में रहा। यहां अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। सिंतबर माह के पहले पखवाड़े के बाद मानसून की विदाई हो जाती है लेकिन इस बार थोड़ा विलंब है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार झारखंड व छत्तीसगढ़ के बीच सक्रिय अवदाब धीरे-धीरे मध्य प्रदेश और विदर्भ की ओर अग्रसर है जो कमजोर पड़ता जा रहा है। इसके असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ खासकर सरगुजा संभाग में हल्की से मध्यम वर्षा हो रही है। शनिवार को भी जिले में बारिश की संभावना है।
धान की खेती को लाभ-
सरगुजा जिले में इस वर्ष देर से हुई धान की खेती वर्षा के अभाव में नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई थी। अगस्त के पहले पखवाड़े के बाद जिले में बारिश नहीं हुई थी। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी थी। इस बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय न्यून दाब के असर से मौसम बदला और उत्तरी छत्तीसगढ़ में अच्छी वर्षा हुई। इस माह लगातार सिस्टम बनने से हल्की से मध्यम वर्षा हो रही है। इससे धान की खेती को काफी लाभ पहुंचा हैैैैैैैैैैै।
तापमान गिरा, उमस से राहत-
दो दिनों से लगातार वर्षा होने और ठंडी हवा चलने से लोगों को भीषण उमस से राहत मिली है। अंबिकापुर का अधिकतम तापमान भी 25 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के करीब पहुंच गया है। लोगों को सुबह व रात में हल्की ठंड महसूस हो रही है। हालांकि मौसम साफ होने के बाद तापमान बढ़ने की संभावना है।