
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : बलरामपुर जिले के चलगली क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रेफाइट खदानों को लेकर ग्रामीण विरोध में उतर आए हैं। पिछले दिनों मंत्री रामविचार नेताम पर इस मुद्दे को लेकर साथ नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उनके काफिले को रोक लिया। ग्रेफाइट खदान की आड़ में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंत्री बनने के बाद पहली बार वे क्षेत्र में आए थे लेकिन जनभावनाओं पर ध्यान ही नहीं दिया।
गिरवरगंज पंचायत में अभी तक स्कूल का भवन नहीं है और न ही पंचायत भवन बना है,इन समस्याओं को सामने रखने के बाद भी कोई आश्वसन नहीं मिला। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने ग्रामीणों की भीड़ को किनारे कर मंत्री के काफिले को निकाला। इसके बाद गांव की महिला सरपंच संस्कृति रक्सेल के नेतृत्व में महिलाओं ने ग्रेफाइट खदान के विरोध और गांव में बुनियादी सुविधा विस्तार के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की बात कही।
बीते 18 अक्टूबर को मंत्री रामविचार नेताम बलरामपुर जिले के ग्राम कपिलदेवपुर में मोरन नदी पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का भूमिपूजन करने गए थे। यह पुल कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर बनाया जाएगा। इसके लिए 591.04 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। पुल बनने से चलगली क्षेत्र के 12 से 15 गांवों के 15 से 20 हजार ग्रामीणों को जिला मुख्यालय बलरामपुर पहुंचने के लिए लगभग 15 किलोमीटर कम दूरी तय करनी होगी।
144 मीटर लंबे और 8.40 मीटर चौड़े इस पुल में 24-24 मीटर के छह स्पैन होंगे। संरचना को मजबूत बनाने के लिए पाइल फाउंडेशन तकनीक अपनाई जाएगी। पुल के दोनों छोरों पर कुल 271 मीटर पहुंच मार्ग भी बनेगा। यह बहुप्रतीक्षित मांग थी जो पूरी होने वाली थी, इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन के पास इनपुट्स थे कि क्षेत्र के लोग मंत्री का विरोध कर सकते हैं क्योंकि क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रेफाइट खदानों को लेकर लगातार विरोध चल रहा है। गांववाले इसके लिए तैयार नहीं है।
उन्हें डर है कि खदान के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ेगा जबकि अभी तक सर्वे और ग्रामसभा की सारी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। संभावित विरोध को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। यहां गिरवरगंज की महिला सरपंच संस्कृति रक्सेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं जुटी थी।
महिला सरपंच का आरोप है कि पुलिस वालों ने उन्हें डिटेन करने का प्रयास किया। जबकि वे सिर्फ अपनी बात रखना चाहती थी। बड़ी मुश्किल से उन्हें अपनी बात रखने का अवसर तो मिला लेकिन मंत्री की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण गांववाले नाराज थे और उन्होंने मंत्री के वाहन के सामने खड़े होकर अपना विरोध जताया हालांकि पुलिस ने सख्ती से सभी को हटाया और वे क्षेत्र से अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री नेताम की ओर से उनकी मांगों,समस्याओं को लेकर किसी प्रकार का सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है।
गिरवरगंज की सरपंच संस्कृति रक्सेल ने बताया कि उनके ग्राम में आज तक पंचायत भवन नहीं बन सका है। ग्राम सभा की बैठकें भी नीम के पेड़ के नीचे करनी पड़ती है। इससे असुविधा हो रही है। ग्राम में स्कूल तो खोल दिया गया है लेकिन अभी तक स्कूल का भवन नहीं है। भवनविहीन स्कूल में बारिश के दिनों में पढ़ाई नहीं हो पाती । बच्चों की छुट्टियाँ करनी पड़ती है।
ठंड के दिनों में दिक्कत नहीं होती लेकिन गर्मी में भी समस्या होती है।गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इन समस्याओं के निराकरण को लेकर मंत्री रामविचार नेताम से निवेदन किया गया लेकिन किसी प्रकार का आश्वासन नहीं मिला।चुनाव जीतने के बाद वे पहली बार इस क्षेत्र में आए थे लेकिन हमें निराशा ही हुई। इस कारण ग्रामीण नाराज हो गए थे।
बलरामपुर जिले के चलगली क्षेत्र में ग्रेफाइट खदान प्रस्तावित है। इससे लगभग आधा दर्जन ग्राम प्रभावित होंगे। हालांकि अभी तक सिर्फ प्रस्ताव है। इसके लिए लंबी प्रक्रिया पूरी की जानी है। इन खदानों का विरोध कई महीनों से चल रहा है।
गांववालों का कहना है कि खदानों के कारण उन्हें विस्थापित होना पड़ेगा। उनके पुरखों ने घर,बाड़ी, खेत तैयार किया है। अब वे इसे छोड़कर नहीं जाएंगे। अनुसूचित क्षेत्र में जल,जंगल,जमीन पर ग्राम सभा का अधिकार है लेकिन ग्रामसभा को भी दरकिनार किया जा रहा है। कार्यक्रम में महिला सरपंच ने इस मुद्दे पर भी अपनी बात रखी लेकिन शासन स्तर से चल रही प्रक्रिया की बात कह इसे तबज्जो ही नहीं दिया गया। इस कारण भी लोग नाराज थे।