अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट स्थित नर्मदापुर के खालपारा में गुरुवार को अद्भुत नजारा देखने को मिला। तालाब से एक मोटी धारा आसमान की ओर उठी और बादलों में समाती दिखी। इसे देख कर पहले तो लोग डर गए लेकिन बाद में रोमांचित हो उठे। ऐसी घटना संभवत इसके पहले कभी नहीं देखी गई है।

छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर मैनपाट का मौसम बारिश में खुशनुमा हो गया है। मानसूनी बादल ऊंचाई पर स्थित मैनपाट की जमीन को छूते नजर आते हैं। बारिश के बाद चारों ओर धुंध लोगों को आकर्षित करती है।

इस बीच गुरुवार दोपहर लगभग ढाई बजे अचानक आकाश में बादल छाए और तेज हवाएं चलनी लगीं। इससे बचने लोग होकर जहां-तहां खड़े हो गए। अचानक नर्मदापुर के खालपारा तालाब से थोड़ी दूर खड़े लोगों ने देखा कि तालाब का पानी मोटी धारा बनकर ऊपर आसमान की ओर बढ़ रहा है।

पहली बार मैनपाट के लोगों ने इस अद्भुत नजारे को देखा। कई उत्साही युवाओं ने इस घटना को मोबाइल में भी कैद किया है। इस घटना की चर्चा समूचे मैनपाट क्षेत्र में हो रही है। सोशल मीडिया में भी इसका वीडियो वायरल हुआ है। सरगुजांचल के लिए यह घटना लोगों के बीच कौतूहल का भी विषय बना है,क्योंकि ऐसा नजारा पहले कभी किसी ने नहीं देखा है।

सामान्य घटना : भूगोलवेत्ता

जलवायु विज्ञान से जुड़े भूगोलवेत्ता डॉ. अनिल सिन्हा ने बताया कि यह कोई आश्चर्यजनक घटना नहीं है। ऐसी घटना कभी-कभी ही होती है। उन्होंने बताया कि हवा की रफ्तार जब 180 किमी से 450 किमी प्रति घंटे होती है तो अलग-अलग दिशा होने से चक्रवात का निर्माण होता है। इसे स्थानीय भाषा में बवंडर भी कहा जाता है।

उनके अनुसार यह चक्रवात जमीन और जल दोनों से बनता है। इसे वायु राशि के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि हवा के प्रचंडतापूर्वक चक्रन करने वाले स्तंभ को बवंडर भी कहा जाता है जो पृथ्वी की सतह और वर्षा बादल दोनों को जोड़ता है। यही घटना मैनपाट में भी हुई है।