
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : रेल संपत्ति चोरी के मामले में आरपीएफ अंबिकापुर की निरीक्षक सुनीता मिंज ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनेंद्रगढ़ क्षेत्र से एक ट्रक में लोड करीब 12 टन कबाड़ जब्त किया है। कबाड़ की जांच के दौरान इसमें करीब 450 किलो रेल संपत्ति मिली। इसमें 90 रेल लाइन के टुकड़े, आयरन ब्रेक ब्लाक सहित अन्य रेल सामग्री शामिल है। बरामद रेल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 17 हजार रुपये आंकी गई है, जबकि ट्रक में लोड अन्य कबाड़ की कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कबाड़ कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।
यह कार्रवाई आरपीएफ अंबिकापुर की निरीक्षक सुनीता मिंज ने मंडल टास्क टीम के साथ की। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर सौरव कुमार के निर्देशन में टीम को मुखबिर से रेल संपत्ति से संबंधित सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने 17 सितंबर को ट्रक क्रमांक सीजी 07 बीएल 2601 को मनेंद्रगढ़ एरिया में पकड़ा और उसे आरपीएफ पोस्ट मनेंद्रगढ़ लाया गया।
आरपीएफ पोस्ट में ट्रक से कबाड़ अनलोड कर उसकी जांच की गई। इस दौरान कबाड़ के बीच 90 आर रेल लाइन और आयरन ब्रेक ब्लॉक सहित अन्य रेल संपत्ति मिली। रेल सामग्री का वजन कराने पर कुल करीब 450 किलो पाया गया। ट्रक में लदे अन्य कबाड़ सहित कुल सामग्री का वजन करीब 12 टन बताया गया है। पूछताछ में ट्रक चालक ने अपना नाम सीताराम द्विवेदी (43), निवासी वार्ड क्रमांक छह जोरा, थाना ब्यौहारी, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश बताया। चालक ने आरपीएफ को बताया कि ट्रक में लोड कबाड़ चौहान ट्रेडर्स के संचालक रियाजुद्दीन उर्फ चुनमुन का है।
चालक की निशानदेही पर आरपीएफ ने कबाड़ मालिक रियाजुद्दीन उर्फ चुनमुन की तलाश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। इसके बाद ट्रक में लोड कबाड़ और उसमें मिली रेल संपत्ति को जब्त कर लिया गया। मामले में आरपीएफ पोस्ट मनेंद्रगढ़ में अपराध दर्ज किया गया है। आरपीएफ ने गिरफ्तार चालक को 22 सितंबर को विशेष रेलवे न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश किया। वहीं फरार कबाड़ कारोबारी रियाजुद्दीन उर्फ चुनमुन की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ टीम प्रयास कर रही है।
कबाड़ी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
आरपीएफ के अनुसार फरार कबाड़ कारोबारी के विरुद्ध स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल में पूर्व में भी लोहा चोरी एवं रेल संपत्ति चोरी से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जब्त रेल संपत्ति कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।