अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून के स्थिर होने के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका की सक्रियता से उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में गुरुवार रात से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। ज्येष्ठ के महीने में सावन जैसा मौसम बन गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी कुछ इलाकों में वज्रपात, गर्जना के बीच तेज बारिश की चेतावनी दी है। इधर अंबिकापुर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी इलाकों में भी दिन भर बारिश का क्रम जारी रहा। अंबिकापुर में चौबीस घंटे में करीब 12 मिमी बारिश दर्ज की गई।
समय से पहले पहुंचे मानसून के असर से सरगुजा संभाग में जून माह में अच्छी बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून अभी भोपाल, हमीरपुर, बाराबंकी, अंबाला, अमृतसर तक पहुंच कर स्थिर है। अगले दो दिनों तक मानसून के आगे बढ़ने की संभावना कम है। इधर एक कम ऊंचाई के स्तर का पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में सक्रिय होकर मानसून को आगे बढ़ने से रोक रहा है। इसके कमजोर पड़ने पर ही मानसून आगे बढ़ पाएगा। इधर पूर्वी उत्तरप्रदेश तक विस्तृत चक्रीय घेरा, गांगेय पश्चिम बंगाल पर दूसरा चक्रीय घेरा और पश्चिमी राजस्थान से मध्यप्रदेश, दक्षिण पूर्व उत्तरप्रदेश, दक्षिण बिहार, झारखण्ड होते हुए गांगेय बंगाल की खाड़ी तक भूसतह द्रोणिका सक्रिय है। इसके चलते अगले दो दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ सहित शेष छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तरभारत व मध्य भारत मे विदर्भ तक अच्छी वर्षा का क्रम जारी रहेगा। कहीं-कहीं तेज हवा के साथ मूसलाधार वर्षा, मेघगर्जन, वज्रपात जैसी घटनाएं संभावित हैं। इधर बिहार पर बने कम दबाव क्षेत्र के कारण उत्तर छतीसगढ़ में भी वर्षा की संभावना है।