
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: साइबर ठगी के शिकार लोगों को ठगी गई राशि वापस दिलाने और गलत तरीके से फ्रिज हुए बैंक खातों को अनफ्रिज करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एमआरएम और जीआरएम पोर्टल के प्रभावी उपयोग को लेकर अंबिकापुर के राजमोहिनी भवन में रेंज स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
आइजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा और एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय से आए तकनीकी शाखा के सहायक पुलिस महानिरीक्षक कवि गुप्ता ने प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में सरगुजा रेंज के सभी जिलों के करीब 430 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, साइबर नोडल अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक और बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
एआइजी कवि गुप्ता ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया एमआरएम पोर्टल यानी मनी रिस्ट्रोरेशन माड्यूल्स के जरिए साइबर ठगी में होल्ड कराई गई राशि को निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित को ऑनलाइन वापस दिलाई जा सकती है। इसकी पूरी तकनीकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। जीआरएम मतलब ग्रीवेंस रिड्रेसल माड्यूल्स उन लोगों के लिए है जिनका बैंक खाता साइबर शिकायत के कारण फ्रिज कर दिया गया है। ऐसे खाताधारक अपनी बैंक शाखा में जाकर केवाईसी और लेन-देन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संबंधित थाना और जांच अधिकारी की जांच के बाद तय समय-सीमा में खाते को अनफ्रिज किया जा सकेगा।
नागरिकों द्वारा साइबर पोर्टल पर की गई ऑनलाइन शिकायतों को जांच के बाद सीसीटीएनएस प्रणाली में डिजिटल रूप से नियमित एफआइआर में बदलने की प्रक्रिया का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। आइ फोर सी द्वारा संचालित इस केंद्रीय मंच के माध्यम से विभिन्न राज्यों की पुलिस और एजेंसियों के बीच डेटा साझा करने की पद्धति बताई गई। इस पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबर, फर्जी सिम बेचने वाले डीलर, एटीएम लोकेशन और म्यूल अकाउंट्स का डेटा मैप कर अंतर-राज्यीय साइबर अपराधियों पर कार्रवाई कैसे की जाती है, इसकी जानकारी दी गई।