
0 गत वर्ष 30 से अधिक लोगों की हुई थी मौत
अंबिकापुर/ओड़गी । नईदुनिया प्रतिनिधि
सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले वर्ष उत्पन्न हुई भयावह स्थिति को देखते हुए इस वर्ष मैदानी अमले को सजग करने के साथ ही गांव-गांव में शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कर्रा जा रही है। इसके बावजूद मौतें शुरू हो गई हैं। 12 दिनों में पांच बच्चों सहित छह लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है।
उल्लेखनीय है कि सूरजपुर जिले का बिहारपुर क्षेत्र मौसमी बीमारियों के लिए अतिसंवेदनशील माना जाता है। गत वर्ष इस क्षेत्र में इसी सीजन में 30 से भी अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस वर्ष बीमारी से निपटने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले से ही तैयारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैदानी कर्मचारियों को अपने कार्य क्षेत्र में उपस्थित रहकर बीमारियों की सूचना मिलते ही त्वरित जांच व उपचार के निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन अलग-अलग कारणों से हो रही मौतों ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। बताया गया कि ग्राम पंचायत महुली निवासी लालजी पनिका पिता प्रेम पनिका 56 वर्ष दो दिनों से बुखार से पीड़ित था। बुधवार तड़के लगभग चार बजे उसने दम तोड़ दिया। इसके पहले भी बिहारपुर चांदनी क्षेत्र में तीन नवजात शिशु सहित पांच बच्चों की मौत हो चुकी है। ग्राम कछवाही निवासी लक्षण पनिका की पत्नी शांति ने 18 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के साथ ही एक नवजात की मौत हो गई थी। दूसरे ने प्रसव के आठ घंटे बाद दम तोड़ दिया था। प्रसूता शांति की बिगड़ी तबियत का देखते हुए उसे उत्तरप्रदेश के सक्तीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दिन महुली निवासी सतवती पति रामलक्ष्मण को बिहारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था। यहां उसने बच्ची को जन्म दिया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर में बिगड़ी तबियत पर निजी वाहन से बैढ़न ले जाते समय बीच रास्ते में नवजात ने भी दम तोड़ दिया था। बिहारपुर चांदनी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा का समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में एक बच्चे की मौत की खबर मिली थी। घर वालों ने झाड़फूंक कराया था। हालात पिछले वर्ष जैसे नहीं हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। गांव-गांव में शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच व उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।