अंबिकापुर में ममता शर्मसार! दिल दहला देने वाली घटना, बाइक से कूदकर मां ने नवजात को पत्थरों के नीचे दबाया
अंबिकापुर के लुण्ड्रा क्षेत्र में आर्थिक तंगी और बेबसी के चलते एक मां द्वारा उठाए गए कदम से नवजात बच्ची की जान चली गई। ग्रामीणों ने बच्ची को पत्थरों क...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 09:02:31 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 09:02:31 AM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- अस्पताल से घर लौटते वक्त खौफनाक कदम
- ग्रामीणों ने पत्थरों के बीच से निकाला था जीवित नवजात को।
- पति की मौत के बाद मानसिक तनाव में मां ने उठाया यह कदम।
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर :सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र में एक नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। अस्पताल से छुट्टी के बाद घर ले जाते समय महिला बाइक से कूदकर झाड़ियों में छिप गई और नवजात को पत्थरों के नीचे दबा दिया। बाद में बच्ची को ग्रामीणों ने जीवित अवस्था में निकाला, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
लुण्ड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम राता डांडपारा निवासी रामबाई पति स्व. विजय को 11 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर बरगीडीह स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। यहां उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के पिता विजय की मौत करीब पांच माह पहले हो चुकी है।14 अगस्त को चिकित्सकों ने रामबाई को छुट्टी दे दी थी। बारिश के कारण वह अस्पताल में ही रुकी रही। 15 अगस्त को जीजा दादूराम ने भतीजे पंकज को मोटरसायकल लेकर बुलाया और रामबाई को नवजात के साथ गांव राता ले जाने निकले।
स्वजन का आरोप है कि गांव से करीब एक किलोमीटर पहले प्लांटेशन क्षेत्र के पास रामबाई नवजात के साथ बाइक से कूदकर झाड़ियों की ओर भाग गई। खोजबीन के बाद महिला तो मिल गई, लेकिन बच्ची नहीं मिली। पूछताछ पर भी उसने कुछ नहीं बताया और उसे घर राता छोड़ दिया गया। इसी दौरान कुछ ग्रामीण चरवाहों की नजर रामबाई पर पड़ी। संदेह होने पर वे मौके पर पहुंचे तो पत्थरों के बीच से नवजात के रोने की आवाज आई। ग्रामीणों ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में गांव में पंचायत की बैठक हुई।
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पूछताछ में रामबाई ने बच्ची को पत्थर के नीचे दबाने की बात स्वीकार की। इसके बाद ग्रामीणों के साथ जाकर बच्ची को लिया गया और 108 संजीवनी एंबुलेंस से पहले धौरपुर अस्पताल फिर बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। यहां 15 अगस्त की शाम को चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन को सौंप दिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि महिला ने यह कदम संभवतः आर्थिक तंगी और ससुराल तथा मायके पक्ष से सहयोग नहीं मिलने के कारण उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।