
अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता व सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के संरक्षक नंदकुमार बघेल ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में विधायकों, मंत्रियों की नहीं चलती। यहां दूसरे प्रदेशों से आए आयातित अधिकारी अपना राज चलाते हैं। ऐसे अधिकारियों को नाजायज तरीके से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने यहां लाया था। ऐसे निकम्मे और ब्लैकमेलिंग करने वाले अधिकारियों को प्रदेश से बाहर करने तथा पिछड़ा वर्ग समाज को उसका हक दिलाने के लिए मैं 3 सितंबर को बेमेतरा में सत्याग्रह करूंगा।
बाथरूम में गिरकर घायल होने के बावजूद मुख्यमंत्री के पिता नंदकुमार बघेल रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान फिर से भाजपा, कांग्रेस सहित सामाजिक मुद्दों पर आग उगला। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाना है तो ईवीएम से चुनाव बंद कराकर वैलेट से चुनाव कराना होगा। मोदी सरकार को ईवीएम के बहाने थ्री नाट थ्री का हथियार मिल गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा गलत सोच के साथ राजनीति कर रही है कि हम मतदाता को पैसे से खरीद लेंगे। उन्होंने ब्राह्मणों पर फिर से निशाना साधते हुए कहा कि ब्राह्मणवाद नहीं चलेगा। इसकी उन्होंने लंबी व्याख्या भी की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को भी सामान्य नागरिक की तरह रहना होगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश व देश में पिछड़ों का वोट और अगणों का राज नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विधायकों, मंत्रियों की बाहर से आए अधिकारी नहंी सुनते। मंत्री प्रेमसाय सिंह के विभाग में 20 हजार तबादला आवेदन पेंडिंग हैं। अधिकारियों द्वारा ब्लैकमेलिंग के लिए मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका स्पष्ट मानना है कि छत्तीसगढ़ में दूसरे प्रदेशों के लोग आकर राज न करें।
राहुल की जाति पर ये कहा
मुख्यमंत्री के पिता नंदकुमार बघेल ने राहुल गांधी को घोर सतनामी करार देते कहा कि उनका बड़ा बेटा भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बना है और वे छोटे बेटे राहुल गांधी का प्रधानमंत्री बनाकर रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल को दूल्हा(प्रधानमंत्री) बनने राजी होना पड़ेगा। हम बाराती तैयार कर देंगे, लेकिन वह दूल्हा बनने के लिए तैयार ही नहीं है।
मैं कांग्रेसी नहीं
मुख्यमंत्री के पिता नंदकुमार बघेल ने कहा कि वे कांग्रेसी नहीं हैं। पिछड़ा वर्ग समाज के उत्थान के लिए वे प्रतिपक्ष की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। 2001 में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी से कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्होंने इंकार किया। वासुदेव चंद्राकर ने भी कांग्रेस में प्रदेश की उनकी इच्छा पूरी नहीं की। राहुल गांधी उनसे मिलते नहीं हैं।
यह भी कहा सीएम के पिता ने
0 चंडीगढ़ में ईंट बनाने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूर का नाम वहां की वोटर लिस्ट में जुड़ जाए तो पंजाब तथा दूसरे राज्यों से आकर यहां रहने वाले लोगों को मंत्री बनाने में हमें कोई दिक्कत नहीं है।
0 छत्तीसगढ़ में दूसरे प्रदेशों के लोग आकर राज न करें। सर्व पिछड़ा वर्ग समाज को पहली आजादी भूपेश बघेल ने 27 प्रतिशत आरक्षण देकर की है। दूसरी आजादी हम ब्लैकमेलिंग करने वाले अधिकारियों को हटाकर प्राप्त करेंगे।
0 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव सहित अन्य मंत्री अच्छे से काम करें। ढीलाढाला काम स्वीकार नहीं होगा। टीएस सिंहदेव को भी अपनी आदत सुधारनी होगी। पिछड़ा वर्ग को भी एरजस्ट करना होगा। अन्यथा चुनाव कैसे जीतेंगे।