
नईदुनिया प्रतिनिधि,अंबिकापुर। अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के मामले में अंबिकापुर की विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ममता पटेल की अदालत ने तत्कालीन सहायक ग्रेड-तीन ऋषि कुमार सिंह को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
आरोपित के विरुद्ध स्वयं, पत्नी और बच्चों के नाम पर आय से कई गुना अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था।अभियोजन के अनुसार, ऋषि कुमार सिंह तत्कालीन सहायक ग्रेड-तीन के रूप में भू-अभिलेख शाखा, कार्यालय कलेक्टर,जिला सरगुजा में पदस्थ थे।
उनके द्वारा स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर अत्यधिक मात्रा में चल-अचल संपत्ति अर्जित किए जाने के आरोप पर ब्यूरो में अपराध दर्ज किया गया था। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ई) एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की गई।
सक्षम न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर 18 जून 2013 को आरोपित के शांति विला, केदारपुर, अंबिकापुर स्थित निवास पर छापामार कार्रवाई की गई।प्रकरण की विवेचना में आरोपित ऋषि कुमार सिंह, उसकी पत्नी एवं बच्चों के नाम पर आलोच्य अवधि पांच जुलाई 1984 से 19 जून 2013 तक कुल 39 लाख 11 हजार 79 रुपये की सकल आय होना पाया गया।
वहीं, इसी अवधि में आरोपित द्वारा सावधि जमा, जीवन बीमा प्रीमियम, अचल संपत्ति क्रय करने सहित अन्य मदों में कुल चार करोड़ 10 लाख 35 हजार 657.68 रुपये का व्यय किया जाना पाया गया। जांच में यह व्यय आरोपी की सकल आय की तुलना में 1049 प्रतिशत असमानुपातिक पाया गया।
विवेचना पूर्ण होने के बाद 20 फरवरी 2018 को आरोपित ऋषि कुमार सिंह के विरुद्ध विशेष न्यायालय, अंबिकापुर, जिला सरगुजा के समक्ष चालान प्रस्तुत किया गया था।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपित को दोषी पाया। न्यायालय ने 14 अगस्त 2026 को ऋषि कुमार सिंह को चार वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।