
नईदुनिया न्यूज,बलरामपुर : बलरामपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सरगवां में बीमार महिला को अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी तो ग्रामीणों ने उसे बांस की झेलगी में ढोकर कंधों पर उठाया और करीब तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया जा सका।
ग्रामीणों के अनुसार सरगवां के बम्हनी नाले पर वर्षों से पुलिया नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। नाला उफान पर आने के बाद उसके दूसरी ओर रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों सहित करीब 500 ग्रामीणों का संपर्क मुख्य मार्ग से लगभग कट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को घुटने तक पानी में नाला पार करना पड़ता है।
ग्रामीणों का दावा है कि वे पिछले करीब 25 वर्षों से बम्हनी नाले पर पुलिया निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। जनदर्शन से लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक कई बार समस्या पहुंचाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने नाले के किनारे प्रदर्शन करते हुए हमारी मांग पूरी करो और सड़क-पुलिया भीख में दे दो जैसे नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से थालियां अपने हाथों में रखी थी।
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बीमार व्यक्ति को असप्ताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीज को ग्रामीणों के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। हाल ही में बीमार महिला को तीन किलोमीटर तक कंधे पर ढोना पड़ा।ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अब मांग करते-करते थकान महसूस होने लगी है।
उनका कहना है कि 25 साल से पुलिया मांग रहे हैं, अब हक नहीं तो भीख में ही दे दो, लेकिन मरीजों को कंधों पर ढोना बंद कराओ।

ग्रामीणों ने प्रशासन से बम्हनी नाले पर शीघ्र पुलिया निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात में गांव का संपर्क न टूटे और मरीजों, स्कूली बच्चों तथा आम ग्रामीणों को आवागमन की परेशानी से राहत मिल सके।
सीईओ बोले - समस्या का होगा समाधान
इस संबंध में जनपद पंचायत के बलरामपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपराजकांत ने कहा कि यह समस्या मेरी जानकारी में नहीं है। मैं पता कर रहा हूं। समस्या समाधान की हर संभव कोशिश होगी।