अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जंगल के संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता आए, गलत तरीके से कब्जा करने की प्रवृति पर रोक लगे, इसके लिए विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष उदय पंडो की अगुवाई में ग्रामीणों ने शपथ ली कि वे जंगल नहीं काटेंगे और न ही किसी को काटने देंगे। जंगल को आग से बचाने और वन क्षेत्र के संरक्षण, संवर्धन के लिए काम करने की शपथ उन्होंने ली। ग्रामीणों ने जंगल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के संचालन पर वन विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को इसकी जानकारी देने की बात कही। पंडो परिवार के लोगों को यह भी समझाइश दी गई कि वे किसी के भड़काने, उकसाने पर जंगल को क्षति न पहुंचाएं बल्कि एकजुट होकर जंगल की सुरक्षा करें। इस दौरान यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर भू-माफियाओं के द्वारा निजी लाभ के लिए पंडो परिवार के लोगों को गुमराह कर वन क्षेत्र को क्षति पहुंचाई जा रही है। बाद में कानूनी दांव-पेंच की स्थिति बनी थी। ग्रामीणों को बताया गया कि जंगल सिर्फ मानव समाज के लिए नहीं बल्कि जंगली पशुओं के लिए भी उपयोगी है। जंगल पालतू पशुओं के लिए चराई का अच्छा माध्यम है। कोरोना काल में आक्सीजन के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही थी। अस्पतालों में आक्सीजन के लिए मारामारी की स्थिति बनी थी। जबकि पेड़-पौधों से हमें शुद्ध हवा के साथ आक्सीजन मिलता है। दूषित वातावरण को शुद्ध करने में सफलता मिलती है। जंगल से कई प्रकार के औषधी, जड़ी-बूटी की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों के लिए लासा, पत्ती, ईंधन कार्य के लिए सूखी लकड़ी जंगल से मिलती है। इन्हें खाली स्थानों में पेड़-पौधे लगाने के लिए भी प्रेरित किया गया।