
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। लिव इन में रह रही महिला की हत्या के आरोपित को द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने मृतका के विधिक वारिसान को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 396 के अनुसार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मिलने वाली राशि के संबंध में अनुशंसा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर से की है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे ने बताया कि सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बंदना दलदलीपारा निवासी आरोपित राजकुमार मांझी के साथ लक्ष्मी कुमारी लिव इन में रहती थी। बतौर पति-पत्नी साथ रहने के दौरान दोनों की दो संतान भी है। आरोपित राजकुमार, महिला के चरित्र को लेकर संदेह करता था।
घटना दिवस 10 अगस्त 2024 की दोपहर पत्नी के चरित्र को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोपित ने डंडे से पत्नी को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपित को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था। दिसंबर 2024 में आरोपित के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
लगभग 11 महीने में ही द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली। प्रकरण के सारे तथ्यों की सुनवाई और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित राजकुमार को हत्या का दोषी पाया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अदालत ने आरोपित को आजीवन कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपित को तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।