
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भारतपुर–लकरालता से एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशानी झेलने वाले ग्रामीणों की तस्वीर सामने आई है। दुर्गम और पहुंचविहीन पहाड़ी इलाके में सड़क सुविधा के अभाव ने न सिर्फ जीवन को कठिन बनाया है, बल्कि मृत्यु के बाद भी स्वजन की परीक्षा ली जा रही है। तालाब में डूबने से मृत आदिवासी युवक सुरेन्द्र तिर्की के शव को स्वजन और ग्रामीण खाट में लादकर कई किलोमीटर पैदल ढोने को मजबूर हुए। मुख्य मार्ग तक आने के बाद उन्हें शव वाहन मिला तब उसे पोस्टमार्टम के लिए सीतापुर भेजा जा सका।
ग्राम लकरालता (चीनीपानी) निवासी सुरेन्द्र तिर्की 29 दिसंबर को सुबह लगभग 11 बजे मछली पकड़ने के लिए घर से निकला था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। 30 दिसंबर को सीतापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने चप्पल और अन्य सामान के आधार पर आसपास के इलाकों में खोजबीन तेज की। आखिरकार 31 दिसंबर को ग्राम लकरालता स्थित तालाब में उसका शव बरामद किया गया। प्रथम दृष्टया मौत का कारण तालाब में डूबना बताया गया है।
शव मिलने के बाद मर्ग पंचनामा की कार्रवाई तो पूरी की गई, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीतापुर तक पहुंचाने की रही। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण शव वाहन मौके तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में स्वजन और ग्रामीणों ने मिलकर शव को खाट पर रखकर दुर्गम पहाड़ी रास्तों से पैदल नीचे उतारा। कई किलोमीटर की कठिन यात्रा के बाद मुख्य मार्ग तक शव पहुंचाया गया, जहां से उसे वाहन के जरिए पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
स्वजन ने बताया कि यदि गांव तक सड़क होती तो शव वाहन सीधे पहुंच सकता था और उन्हें यह संघर्ष नहीं करना पड़ता।पहाड़ी कोरवा बहुल इन इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य और आपातकालीन सुविधाओं का अभाव वर्षों से बना हुआ है। विकास योजनाओं की घोषणाएं और भूमि पूजन कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की कमी से गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों और अब मृतकों को भी खाट में ढोना उनकी मजबूरी बन चुकी है। यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सवाल है।
जहां बुनियादी सुविधा विकास के अभाव में लोगों को जीवन और मृत्यु दोनों स्थितियों में कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने बताया कि लकरालता का वे दो बार जनसंपर्क कर चुके हैं। ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया है कि सड़क का निर्माण होगा। विधायक ने बताया कि सड़क की स्वीकृति पहले ही हो चुकी है, लेकिन बारिश के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था। मौसम अनुकूल होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू कर तेजी से पूरा कराया जाएगा, ताकि गांववासियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
उन्होंने इस घटना को दुखद और पीड़ादायक बताते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों का सामना ग्रामीणों को न करना पड़े, इसके लिए पहुंचविहीन दुर्गम क्षेत्रों में सड़कों की स्वीकृति दी जा रही है और निर्माण कार्य भी शुरू कराया गया है।हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द पहुंचविहीन क्षेत्रों में सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो।