
नईदुनिया न्यूज़, बालोद। जिले के गुरुर ब्लॉक अंतर्गत अरकार गांव के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले टिकेंद्र कुमार साहू पिता तुलसी राम साहू (28) ने अपनी मेहनत, तकनीकी सोच और हुनर से ऐसा कृषि यंत्र तैयार किया है, जो किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
पुराने ट्रैक्टर, लोहे के पार्ट्स, पानी के ड्रम और अन्य उपलब्ध सामान का इस्तेमाल कर उन्होंने करीब 1 लाख 70 हजार रुपये की लागत से ट्रैक्टर कंबाइन फर्टिलाइजर स्प्रेडर तैयार किया है। टिकेश के इस प्रयोग की गांव में खूब चर्चा हो रही है और मशीन को देखने के लिए आसपास के किसान भी पहुंच रहे हैं।
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टिकेंद्र साहू ने बताया कि इस मशीन को तैयार करने में उन्हें करीब दो महीने का समय लगा। खास बात यह है कि मशीन को तैयार करने के लिए उन्होंने किसी बड़ी कंपनी की तैयार तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय खुद इसकी डिजाइन और निर्माण पर काम किया। खेती-किसानी से जुड़े परिवार से होने के कारण उन्हें खेतों में होने वाली मेहनत और समय की परेशानी का अनुभव रहा है।
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इसी को देखते हुए उन्होंने ऐसा यंत्र बनाने का प्रयास किया, जिससे किसानों का काम आसान हो सके। टिकेंद्र बताते है कि वे 10-12 साल पहले पंजाब गए थे, वहां उनके दोस्त से मुलाक़ात की, और उन्होंने ऐसा उपकरण उनके पास देखा था।
टिकेंद्र द्वारा तैयार किए गए कंबाइन फर्टिलाइजर स्प्रेडर की खासियत यह है कि इससे खेत में दवा का छिड़काव और खाद डालने का काम एक साथ किया जा सकता है। उनके अनुसार मशीन करीब 7 से 8 मिनट में एक एकड़ खेत में छिड़काव और खाद डालने का काम पूरा कर देती है। इससे किसानों को कम समय में अधिक क्षेत्र में काम करने में मदद मिल सकती है।

किसानों को खेतों में खाद डालने और दवा के छिड़काव के लिए अलग-अलग प्रक्रिया करनी पड़ती है। इसमें समय के साथ श्रम भी अधिक लगता है। टिकेंद्र का कहना है कि उनके बनाए इस यंत्र से दोनों काम एक साथ करने का प्रयास किया गया है, जिससे किसानों की मेहनत और समय दोनों की बचत हो सकती है। खासकर बड़े खेतों में यह मशीन किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

इस मशीन की एक और खास बात यह है कि इसके निर्माण में पुराने ट्रैक्टर सहित लोहे के पार्ट्स, पानी के ड्रम और अन्य उपलब्ध सामान का उपयोग किया गया है। करीब 1.70 लाख रुपये की लागत में तैयार इस यंत्र ने यह भी दिखाया है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी सोच का इस्तेमाल कर खेती के लिए उपयोगी उपकरण तैयार किए जा सकते हैं।
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टिकेंद्र साहू के इस नवाचार की जानकारी जैसे-जैसे ग्रामीणों तक पहुंच रही है, मशीन को देखने के लिए लोगों की उत्सुकता भी बढ़ रही है। किसान परिवार के बेटे द्वारा अपने स्तर पर तैयार किए गए इस कृषि यंत्र को ग्रामीण मेहनत, जुगाड़ और तकनीकी हुनर का बेहतर उदाहरण मान रहे हैं। टिकेश का यह प्रयोग यदि आगे और विकसित होता है तो कम समय में खेती के काम को आसान बनाने की दिशा में उपयोगी पहल साबित हो सकता है।