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बालोद में 100% कैशबैक का लालच, 31.80 लाख की रकम फंसी, ईवी कंपनी के दो आरोपी जेल में

बालोद जिले के सनौद थाना क्षेत्र में एक इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी द्वारा डीलरशिप दिलाने और सौ प्रतिशत कैशबैक देने का लालच देकर एक व्यक्ति से इकतीस लाख अस्स...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 04:04:04 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 04:06:54 PM (IST)
बालोद में 100% कैशबैक का लालच, 31.80 लाख की रकम फंसी, ईवी कंपनी के दो आरोपी जेल में
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। -पुलिस

HighLights

  1. ईवी कंपनी के पदाधिकारियों पर ठगी का आरोप
  2. 31 लाख की राशि हड़पी दो पदाधिकारी गिरफ्तार
  3. तीसरे फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की छापेमारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। आज के दौर में मुनाफा कमाने और बिजनेस शुरू करने का लालच देकर लोगों को किस तरह अपने जाल में फंसाया जा रहा है, इसकी एक बानगी छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में देखने को मिली है। ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी की डीलरशिप दिलाने और निवेश की गई पूरी रकम पर 100 प्रतिशत कैशबैक का आकर्षक झांसा देकर एक भोले-भाले नागरिक के साथ 31 लाख 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद सनौद थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ग्राम भानपुरी निवासी मनीष कुमार साहू ने थाना सनौद में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2024 के दौरान वह 'सीबीके ईवी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी से जुड़कर कामकाज संभाल रहा था। कंपनी के मुख्य संचालकों ने उसे इलेक्ट्रिक स्कूटर के कारोबार में उतरने और डीलरशिप देने का लालच दिया। इसके अलावा, उसे यह भी भरोसा दिलाया गया कि वह जितना पैसा लगाएगा, उसका शत-प्रतिशत यानी 100 प्रतिशत कैशबैक उसे वापस मिल जाएगा। इसी झांसे में आकर पीड़ित ने बैंक माध्यमों और नकद के जरिए कुल 31 लाख 80 हजार रुपये कंपनी को सौंप दिए।


वाहन भी दिया घटिया और पैसे भी हड़पे

जब पीड़ित ने तय शर्तों के मुताबिक अपने कैशबैक की मांग की, तो कंपनी के अधिकारियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित को जो इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए गए, वे बेहद निम्न और गुणवत्ताहीन थे। मजबूरन पीड़ित ने उन वाहनों को वापस भी कर दिया, लेकिन कंपनी ने न तो उसे दूसरे वाहन दिए और न ही उसकी एक पाई वापस लौटाई। इस धोखाधड़ी के बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।

नामजद आरोपी और पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कंपनी के दस्तावेजों की पड़ताल की, जिसमें नंदकिशोर साहू को सीईओ, लोकेश द्विवेदी को एमडी और पुरुषोत्तम साहू को सीएमडी के रूप में दर्शाया गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एमडी लोकेश द्विवेदी और सीएमडी पुरुषोत्तम साहू को धर दबोचा और न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य आरोपी सीईओ नंदकिशोर साहू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।