भाटापारा के टेहका फार्म हाउस में अफ्रीकन स्वाइन फीवर, भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में हुई पुष्टि
विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) के अनुसार यह बीमारी मनुष्यों को संक्रमित नहीं करती और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं मानी जाती, लेकिन सुअरों के लिए ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 08:08:34 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 08:12:32 PM (IST)
भाटापारा के टेहका पिग फार्म के वराह। - संचालकHighLights
- भाटापारा के टेहका फार्म हाउस में स्वाइन फीवर की पुष्टि
- भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में वायरस मिलने से हड़कंप।
- फार्म हाउस क्वारंटीन कर एक किलोमीटर निगरानी बढ़ाई
नईदुनिया न्यूज, भाटापारा। टेहका रोड स्थित फार्म हाउस में सुअरों की लगातार हो रही मौतों के मामले में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग की चिंता बढ़ गई है। भोपाल जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है। एसडीएम श्यामा पटेल ने जांच रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि होने की जानकारी दी है।
अफ्रीकन स्वाइन फीवर सुअरों में फैलने वाली अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है। हालांकि, विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह बीमारी मनुष्यों को संक्रमित नहीं करती और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं मानी जाती, लेकिन सुअरों के लिए यह गंभीर बीमारी है और इसके संक्रमण से बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हो सकती है।
फार्म हाउस को क्वारंटीन किया
रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद संबंधित फार्म हाउस को क्वारंटीन कर दिया गया है। संक्रमण की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सा विभाग की निगरानी में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फार्म हाउस में मौजूद संक्रमित सुअरों को निर्धारित प्रोटोकाल के तहत नियंत्रित करने तथा आवश्यक होने पर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने फार्म हाउस के आसपास लगभग एक किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ा दी है। क्षेत्र में सुअरों की आवाजाही, संभावित संक्रमण और बीमारी के लक्षणों पर नजर रखी जा रही है।
संपर्क से लेकर जूते-वाहन तक संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, अफ्रीकन स्वाइन फीवर का वायरस संक्रमित सुअरों के सीधे संपर्क के अलावा दूषित उपकरण, कपड़े, जूते, वाहन और अन्य माध्यमों से भी फैल सकता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में जैव-सुरक्षा उपायों का पालन और निगरानी संक्रमण की श्रृंखला रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
सुअर पालकों में बढ़ी चिंता
अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि के बाद आसपास के सुअर पालकों में चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों से सतर्कता बरतने और सुअरों में बीमारी के असामान्य लक्षण अथवा अचानक मौत होने पर तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना देने की अपेक्षा की जा रही है। प्रशासन और पशुपालन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण को प्रभावित फार्म हाउस तक सीमित रखना और आसपास के सुअर पालन क्षेत्रों में इसके प्रसार को रोकना है।