
नईदुनिया प्रतिनिधि, घोटिया। घोटिया और पलारी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश तथा धमतरी स्थित गंगरेल बांध के सभी द्वार खोले जाने के बाद महानदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर तेज गति से बढ़ रहा है। नदी के उफान पर आने से तटीय व निचले इलाकों में बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
महानदी के विकराल रूप का सबसे गंभीर असर पलारी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बीजराडीह में देखने को मिला है। यहां नदी किनारे स्थित कृषि भूमि और खेतों में अचानक जलस्तर बढ़ने से पानी तेजी से भर गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, चारों तरफ पानी का भारी घेरा बन गया। इसके चलते खेत में मौजूद तीन परिवारों के कुल 17 लोग वहीं फंस गए।
इन फंसे हुए लोगों में पांच पुरुष, छह महिलाएं और छह मासूम बच्चे शामिल हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनमें एक छह माह का दुधमुंहा बच्चा भी मौजूद है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। खेतों के चारों ओर तेज बहाव होने के कारण परिवार सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में असमर्थ हो गए।
नीय पुलिस, राजस्व विभाग और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) का विशेष बचाव दल आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों और नौकाओं के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गया। बचाव दल द्वारा पानी के तेज बहाव के बीच फंसे तीनों परिवारों के सभी 17 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

उधर घोटिया क्षेत्र के अमेठी घाट में भी महानदी उफन रही है। बारिश और भारी आवक के कारण अमेठी घाट पर बना स्टॉपडैम पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। जानकारों के अनुसार महानदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 5 से 6 फीट ऊपर पहुंच चुका है और स्टॉपडैम के ऊपर से कई फीट तेज रफ्तार पानी बह रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने अमेठी घाट मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों और राहगीरों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। अमेठी घाट मार्ग बंद हो जाने से कसडोल, सिरपुर सहित आसपास के कई ग्रामीण अंचलों का सीधा संपर्क टूट गया है।
नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से अमेठी घाट और बीजराडीह के आसपास के निचले ग्रामीण इलाकों में पानी घुसने लगा है, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। यदि ऊपरी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा, तो हालात और भी विकट हो सकते हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और जलभराव की जद में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी हाल में तेज बहाव में उतरने, पुल-पुलियों या स्टॉपडैम को पार करने का जोखिम न लेने की सख्त हिदायत दी है। पूरे मैदानी अमले को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।