
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिमगा। बलौदाबाजार जिले के सिमगा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 15 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर उसकी जबरदस्ती शादी कराने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने आया जब पीड़िता की मां ने पुलिस को बेटी के गायब होने की सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया कि पीड़िता को पहले मध्य प्रदेश और फिर गुजरात ले जाया गया है।
सिमगा पुलिस की विशेष टीम ने गुजरात के गोरबी टाइल्स कंपनी में छापेमारी कर नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया। जांच में पता चला कि पीड़िता की एक महिला रिश्तेदार ने ही अन्य पुरुष आरोपितों के साथ मिलकर यह घिनौनी साजिश रची थी। उसे बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और मध्य प्रदेश ले जाकर एक व्यक्ति से जबरदस्ती शादी करा दी गई।
18 से 27 जून तक उसे बंधक बनाकर रखा गया, इस दौरान पीड़िता के साथ दुष्कर्म भी किया गया। पुलिस ने इस मामले में मुन्ना कन्नौज, राहुल कन्नौज और चांदनी बंजारे को गिरफ्तार किया है। मेडिकल और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के सिमगा थाना क्षेत्र से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। एक 15 वर्ष 10 माह की नाबालिग लड़की को अपनों ने ही धोखे का शिकार बनाया। जिस महिला रिश्तेदार पर लड़की ने भरोसा किया, उसी ने साजिश रचकर उसे दरिंदों के हवाले कर दिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि पीड़िता को बहला-फुसलाकर मध्य प्रदेश के धार जिले के अन्जनताड़ ले जाया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम परिजनों के साथ फौरन मध्य प्रदेश के लिए रवाना हुई, लेकिन तब तक आरोपित पीड़िता को लेकर गुजरात के लिए फरार हो चुके थे। पुलिस टीम गुजरात के गोरबी टाइल्स कंपनी तक पहुंची। छापेमारी कर पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया।