कसडोल। जब संत की कृपा होगी तभी मेरी भक्ति प्राप्त होगी। भगवान राम ने स्वयं सनकादिक मुनियों से यह बात कही थी। उक्त बातें विकासखण्ड के देवरी राज के ग्राम सुखरी में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा के अंतिम दिन 12 फरवरी को राजन महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि भगवान राम के चौदह वर्ष वनवास और राज्याभिषेक के पश्चात एक दिन सनकादिक मुनियों ने भगवान राम से मिलने अयोध्या पहुंचे। जहां संवाद के बीच भगवान राम ने सनकादिक मुनियों से कहा कि जब संत की कृपा होगी तभी मनुष्य को भक्ति की प्राप्ति होगी । ऐसा आशीर्वाद देकर भगवान राम ने सनकादिक मुनियों को विदा किया । इसके पूर्व महाराज ने श्रीहनुमान जी के लंका जाते समय राक्षसी सुरसा के प्रसंग में कहा कि विषम परिस्थिति में मनुष्य छोटा बन जाना चाहिए। छोटा हो जाने से यदि कार्य सिद्ध हो रहा हो तो इसमें कोई बुराई नहीं है। श्री हनुमान जी ने ऐसा ही किया जब राक्षसी सुरसा ने हनुमानजी को खाने के लिए अपने मुंह को खोलते हुए विशाल रूप में बढ़ाया उसी समय श्री हनुमानजी अपना रूप छोटा कर उसके पेट में घुस कर बाहर निकल गए ।
इस नौ दिवसीय राम कथा में रोजाना हजारों की संख्या में लोग कथा श्रवण करने पहुंचते थे, जिनके लिए आयोजन समिति के द्वारा भोजन एवं आवास की व्यवस्था की गई थी । अंतिम दिन कथा विश्राम पश्चात समिति द्वारा भोग भंडारा में महाप्रसादी का वितरण किया गया ।
शीतला मंदिर में भागवत कथा 16
स्थानीय महामाया शीतला मंदिर सुहेला परिसर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महा कथा का आयोजन 16 फरवरी मंगलवार से 22 फरवरी सोमवार तक रखा गया है। भागवत कथा के कथावाचक पंडित ज्ञानेश्वर कुमार उपाध्याय होंगे। परायण कर्ता मनीष कुमार दुबे रहेंगे। भागवत के परिचित भानु प्रताप वर्मा, शकुंतला वर्मा होंगे। भागवत कथा दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा। उक्त जानकारी विमला शर्मा ने दी है।