कसडोल। संपूर्ण लाकडाउन के चलते कीट नाशक दवाई दुकानें बंद होने से रवि फसल लगाने वाले किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं क्योंकि धान की फसल में बालियां आ गई हैं। ऐसे समय में तनाछेदक रोग के कारण फसल नष्ट होने लगे हैं। किसानों ने पिछले लाकडाउन की तरह इस लाकडाउन में भी कृषि से संबंधित दुकानों को सशर्त सीमित समय के लिए खोलने की इजाजत देने की मांग की है।
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए संपूर्ण लाकडाउन के कारण अब सब्जी उत्पादक किसानों के बाद धान की रबी फसल लगाने वाले किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं क्योंकि धान की फसल में बालियां आ रही हैं या आने लगी हैं तथा आने वाले एक या दो सप्ताह में फसल काटने लायक हो जाएगा। धान के फसल में बलियां आने के समय प्रमुख रूप से ब्लास्ट, तनाछेदक या झुलसन आदि तरह की बीमारियां कीट प्रकोप के कारण लगती हैं। क्षेत्र के जीवनदायिनी बलार जलाशय में इस साल पर्याप्त मात्रा में पानी होने के कारण जलसंसाधन विभाग द्वारा रबी फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी देने की सहमति दिए जाने के बाद नगर सहित क्षेत्र के विभिन्ना गांवों के किसानों ने रबी फसल के रूप में गेहूं व धान की फसलें लगाई हैं। गेहूं के फसल तो लाकडाउन लगाए जाने के पहले ही कट चुके हैं लेकिन धान की फसलों में अब बालियां आने लगी हैं और उनमें प्रमुख रूप से तनाछेदक, भूरा माहो के रोग लगने लगे हैं।
संपूर्ण लाकडाउन के चलते कीटनाशक दवाई की दुकानें बंद हैं, जिसके कारण कीटनाशक का छिड़काव नहीं कर पा रहे हैं और फसल नष्ट होने लगे हैं। कसडोल क्षेत्र के ग्राम भदरा निवासी गंगाराम वर्मा, कृपा राम कश्यप, लेखराम कश्यप, योगेश कश्यप सहित अन्य किसानों ने कहा कि उन्होंने कई एकड़ में सब्जी की फसलें उगाई थी लेकिन ऐन सब्जी बेचने के समय में लाकडाउन लगा दिए जाने से उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है और अब धान की फसल में तनाछेदक, भूरा माहो सहित कई तरह की बीमारियां व कीट प्रकोप के कारण हो गए हैं लेकिन संपूर्ण लाकडाउन के चलते कृषि दवाइयां नहीं मिल रही हैं और फसल नष्ट हो रहे हैं। इसी तरह ग्राम हटौद के खुश राम पटेल, सत्यनारायण पटेल, मनमोहन पटेल, उदेराम, गोविंद राम, बालू राम, सीताराम पटेल आदि अनेक किसानों ने कहा कि धान की फसल में बालियां आ गई है और ऐन पकने के समय कीट प्रकोप होने तथा उसके उपचार के लिए कीटनाशक दवाई नहीं मिलने के कारण फसल बर्बाद होने लगे हैं जिससे किसानों को अत्यधिक नुकसान पहुंच सकता है। किसानों ने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि पिछले लाकडाउन की तरह कीटनाशक दवा की दुकानों को सीमित समय के लिए सशर्त खोले जाने की अनुमति प्रदान करें ताकि समय रहते धान की फसल को बर्बाद होने से बचाया जा सके। इस संबंध में एसडीएम मिथलेश डोंडे ने कहा कि किसानों की समस्याओं से कलेक्टर को अवगत करा दिया जाएगा। आगे जैसा दिशा निर्देश होगा उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।